नीट 2026 परीक्षा 3 मई को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अब लाखों उम्मीदवारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है, “नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?” और इससे भी महत्वपूर्ण, “क्या मैं क्वालिफाई कर लूंगा?”
नीट 2026 क्वालिफाइंग मार्क्स को लेकर छात्रों में काफी भ्रम रहता है। कई बार पासिंग मार्क्स और एडमिशन कटऑफ को एक ही समझ लिया जाता है, जो एक बड़ी गलती है। इस ब्लॉग में हम नीट पासिंग मार्क्स 2026, category wise क्वालिफाइंग मार्क्स नीट और नीट क्वालिफाइंग मार्क्स और कटऑफ में अंतर को विस्तार से समझाएंगे।
नीट क्वालिफाइंग मार्क्स क्या होते हैं?
नीट क्वालिफाइंग मार्क्स वह न्यूनतम अंक हैं जो NTA (National Testing Agency) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। इन्हें “पासिंग मार्क्स” भी कहा जाता है। जो उम्मीदवार इन मार्क्स को प्राप्त कर लेते हैं, वे MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सेज की काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य हो जाते हैं।
एक महत्वपूर्ण बात, नीट में क्वालिफाई करने की कोई निश्चित संख्या नहीं होती। यह पर्सेंटाइल-आधारित है और हर साल बदलती है। NTA आधिकारिक क्वालिफाइंग मार्क्स रिजल्ट के साथ घोषित करता है।
नीट 2026 क्वालिफाइंग कटऑफ: पर्सेंटाइल सिस्टम
NTA ने हर कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल तय किया हुआ है, जो हर साल समान रहता है:
| कैटेगरी | क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल |
| General / EWS | 50वां पर्सेंटाइल |
| OBC / SC / ST | 40वां पर्सेंटाइल |
| General-PwD | 45वां पर्सेंटाइल |
| SC/ST/OBC-PwD | 40वां पर्सेंटाइल |
यह पर्सेंटाइल हर साल एक जैसी रहती है, लेकिन इसके बराबर अंक (मार्क्स) हर साल अलग होते हैं, क्योंकि वे पेपर की कठिनाई और छात्रों के प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं।
नीट 2026 अपेक्षित क्वालिफाइंग मार्क्स: कैटेगरी वाइज
पिछले वर्षों के ट्रेंड और नीट 2026 पेपर एनालिसिस के आधार पर अपेक्षित क्वालिफाइंग मार्क्स इस प्रकार हो सकते हैं:
| कैटेगरी | न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स (अपेक्षित) | अधिकतम (720 में से) |
| General / EWS | 138–165 | 720 |
| OBC / SC / ST | 108–113 | 137–143 |
| General-PwD | 113–127 | 143 |
| SC/ST/OBC-PwD | 108–113 | 126 |
ये आंकड़े अनुमानित हैं। NTA द्वारा आधिकारिक क्वालिफाइंग मार्क्स रिजल्ट के साथ जारी किए जाएंगे।
पिछले वर्षों के नीट क्वालिफाइंग मार्क्स का ट्रेंड
पिछले वर्षों के डेटा से स्पष्ट है कि नीट क्वालिफाइंग कटऑफ पेपर की कठिनाई के अनुसार बदलता है:
- नीट 2025: जनरल कैटेगरी के लिए 144–686 (आसान से मध्यम पेपर)
- नीट 2024: जनरल कैटेगरी के लिए 137–720 (अपेक्षाकृत आसान पेपर, विवाद के कारण पुनर्मूल्यांकन)
- नीट 2023: जनरल कैटेगरी के लिए 137–720
- नीट 2022: जनरल कैटेगरी के लिए 117–720
इस ट्रेंड से समझ आता है कि जब पेपर कठिन होता है तो क्वालिफाइंग मार्क्स कम होती हैं, और जब पेपर आसान होता है तो यह बढ़ जाती है।
Note: यह सभी आंकड़े पिछले वर्षों के ट्रेंड और पेपर एनालिसिस पर आधारित अनुमान हैं। आधिकारिक कटऑफ NTA द्वारा रिजल्ट के साथ जारी की जाएगी।
नीट क्वालिफाइंग मार्क्स और एडमिशन कटऑफ में अंतर
यह सबसे महत्वपूर्ण अंतर है जो हर छात्र को समझना चाहिए:
क्वालिफाइंग मार्क्स (Qualifying Cutoff):
- NTA द्वारा रिजल्ट के साथ घोषित होती है।
- यह NEET काउंसलिंग में भाग लेने की न्यूनतम पात्रता है।
- जनरल कैटेगरी के लिए अपेक्षित रेंज: 138–165 मार्क्स।
- इसे पार करना = “नीट पास” — लेकिन इसका मतलब सीट मिलना नहीं है।
एडमिशन कटऑफ (Admission Cutoff):
- MCC और राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण द्वारा काउंसलिंग के बाद जारी होती है।
- यह वह अंतिम रैंक होती है जिस पर किसी कॉलेज की सीट भरी जाती है।
- AIIMS दिल्ली के लिए 700–715+ मार्क्स भी कम पड़ सकते हैं।
- एक साधारण सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए भी 580–620+ की जरूरत हो सकती है।
सरल शब्दों में, क्वालिफाइंग मार्क्स रेस में भाग लेने की अनुमति है, एडमिशन कटऑफ रेस जीतने की सीमा।
नीट परसेंटाइल 2026: कैसे जोड़ें मार्क्स से?
नीट परसेंटाइल की गणना इस फॉर्मूले से होती है:
पर्सेंटाइल = [(N – रैंक + 1) / N] × 100
उदाहरण के तौर पर, अगर आपने 138 अंक प्राप्त किए और परीक्षा में 25 लाख छात्र बैठे थे, तो यह लगभग 50वां पर्सेंटाइल बनता है — जो जनरल कैटेगरी की न्यूनतम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल है।
नीट 2026 में पास होने के लिए रणनीति
सिर्फ क्वालिफाई करना पर्याप्त नहीं है। जो छात्र सरकारी MBBS चाहते हैं उन्हें इन लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए:
- जनरल/EWS: 620+ अंक लक्ष्य रखें, इससे AIQ में सरकारी सीट की संभावना बनती है।
- OBC-NCL: 595–610+ अंक सरकारी कॉलेज के लिए मजबूत दावेदारी बनाते हैं।
- SC कैटेगरी: 510–530+ मार्क्स सेफ रेंज में माने जा सकते हैं।
- ST कैटेगरी: 480–510+ मार्क्स से राज्य कोटे में सरकारी सीट की उम्मीद रहती है।
नीट क्वालिफाइंग मार्क्स को प्रभावित करने वाले कारक
हर साल क्वालिफाइंग मार्क्स बदलती है क्योंकि:
- पेपर की कठिनाई: आसान पेपर → अधिक छात्र ऊंचा स्कोर → कटऑफ ऊपर। नीट 2026 moderate था, इसलिए कटऑफ मध्यम से थोड़ी ऊंची रहेगी।
- उम्मीदवारों की संख्या: 22 लाख+ छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा हर साल बढ़ रही है।
- MBBS सीटों की संख्या: NMC द्वारा नई सीटें जोड़ी जाने से क्वालिफाइंग पर थोड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- आरक्षण नीति: विभिन्न कैटेगरी के लिए अलग पर्सेंटाइल निर्धारित होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. नीट 2026 में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?
नीट में कोई निश्चित "पासिंग मार्क्स" नहीं होती, यह पर्सेंटाइल आधारित है। जनरल कैटेगरी के लिए 50वां पर्सेंटाइल (अपेक्षित: लगभग 138–165 अंक) और OBC/SC/ST के लिए 40वां पर्सेंटाइल (अपेक्षित: लगभग 108–113 अंक) क्वालिफाइंग कटऑफ है। आधिकारिक आंकड़े NTA रिजल्ट के साथ जारी करेगा।
Q2. नीट क्वालिफाइंग मार्क्स और कटऑफ में क्या अंतर है?
क्वालिफाइंग मार्क्स वह न्यूनतम अंक है जो NTA तय करती है, इसे पार करने पर आप काउंसलिंग के योग्य हो जाते हैं। कटऑफ (एडमिशन कटऑफ) वह अंक है जिस पर किसी कॉलेज की अंतिम सीट भरती है, जो काउंसलिंग के बाद निर्धारित होती है। उदाहरण: जनरल कैटेगरी क्वालिफाइंग मार्क्स ~138 हो सकती है, लेकिन AIIMS दिल्ली की एडमिशन कटऑफ 710+ होती है।
Q3. क्या SC/ST उम्मीदवार कम अंक पर क्वालिफाई कर सकते हैं?
हां। SC, ST और OBC कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 40वां है, जबकि जनरल के लिए 50वां। इसका मतलब है कि आरक्षित श्रेणी के छात्र अपेक्षाकृत कम अंकों पर भी क्वालिफाई कर सकते हैं। हालांकि, सरकारी कॉलेज में एडमिशन के लिए इन्हें भी 480–540+ का लक्ष्य रखना चाहिए।









