हर साल लाखों छात्र तैयारी करते हैं। लेकिन जो 90+ परसेंटाइल पार करते हैं, वे कुछ अलग नहीं पढ़ते वे अलग तरह से पढ़ते हैं।
इसलिए टिप्स पर जाने से पहले, कुछ ज़रूरी बातें साफ़ करते हैं।
जेईई मेन में 90 परसेंटाइल का मतलब कितने अंक?
यह सबसे आम सवाल है।
सच यही है: कोई फिक्स नंबर नहीं होता।
लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड के आधार पर एक रियलिस्टिक रेंज समझी जा सकती है।
90 परसेंटाइल आमतौर पर:
- लगभग 120 से 140 अंक (300 में से)
- यह निर्भर करता है:
- पेपर की कठिनाई
- शिफ्ट वाइज परफॉर्मेंस
- कुल छात्रों के स्कोर वितरण पर
कठिन पेपर में 90 परसेंटाइल 115–120 के आसपास भी आ सकता है। आसान पेपर में यह 140 के पार भी जा सकता है। इसलिए किसी “एक नंबर” के पीछे भागना सही रणनीति नहीं है।
परसेंटाइल क्यों ज़्यादा मायने रखता है?
एक बहुत बड़ी गलतफहमी है।
- अंक = आपने कितने सवाल सही किए
- परसेंटाइल = आपने कितने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया
90 परसेंटाइल का मतलब है: आपने 90% उम्मीदवारों से बेहतर स्कोर किया।
यही वजह है कि:
- एक ही अंक अलग शिफ्ट में अलग परसेंटाइल दे सकते हैं
- एनटीए नॉर्मलाइजेशन का इस्तेमाल करता है
इसलिए सही सवाल यह नहीं है: “90 परसेंटाइल कितने अंक पर आएगा?”
सही सवाल है: “मुझे तीनों विषयों में कितना स्टेबल स्कोर चाहिए?”
90+ परसेंटाइल वालों की सब्जेक्ट-वाइज सच्चाई
आम ब्लॉग यह नहीं बताते। 90+ परसेंटाइल लाने वाले छात्र:
- तीनों विषयों में परफेक्ट नहीं होते
- लेकिन किसी एक विषय को भी पूरी तरह कमजोर नहीं होने देते
एक कॉमन पैटर्न:
- एक मजबूत विषय
- एक संतुलित विषय
- एक कंट्रोल्ड विषय (कम नेगेटिव)
यह हर जगह चमकने का खेल नहीं है। यह डैमेज कंट्रोल का खेल है।
90 परसेंटाइल पर जेईई मेन रैंक कैसी होती है?
आमतौर पर:
- 1 लाख से 1.5 लाख रैंक के बीच
यह रैंक:
- कई एनआईटी, जीएफटीआई और स्टेट कॉलेज के लिए दरवाज़े खोलती है
- ड्रॉपर या इम्प्रूवमेंट स्टूडेंट्स के लिए मजबूत बेस बनती है
90 परसेंटाइल कोई छोटा टारगेट नहीं है। यह आपको “सीरियस कैंडिडेट” की कैटेगरी में ले आता है।
90+ परसेंटाइल के लिए सुरक्षित अंक रेंज
पिछले वर्षों के आधार पर:
- 130+ अंक: सेफ ज़ोन
- 120 अंक: बॉर्डरलाइन
- 110 से नीचे: रिस्की
यह डराने के लिए नहीं है। यह आंकड़ों की सच्चाई है।
अब असली सवाल पर आते हैं।
90+ परसेंटाइल कैसे लाएं? (स्ट्रैटेजी)
यह कुछ टेस्टेड टिप्स हैं जिनसे स्टूडेंट्स अच्छे नंबर ला सकते हैं
टिप 1: सिलेबस पूरा करने के पीछे मत भागो
90+ परसेंटाइल वाले छात्र:
- सिलेबस कलेक्टर नहीं होते
- वे गैप क्लोज़र होते है
- बार-बार पूछे जाने वाले अध्याय पहचानते हैं
- सिली मिस्टेक्स हटाते हैं
- मीडियम लेवल सवाल मज़बूत करते हैं
जेईई मेन को चाहिए:
- स्पीड
- एक्यूरेसी
- पैटर्न पहचान
हीरोइक सवाल हल करना नहीं।
टिप 2: फिजिक्स को डर नहीं, प्रेडिक्टेबल बनाओ
अधिकांश छात्र:
- फिजिक्स से डरते हैं
- उसे अनस्टेबल छोड़ देते हैं
90+ परसेंटाइल वाले:
- फिजिक्स को भरोसेमंद बनाते है
फोकस करें:
- मेकेनिक्स की बेसिक समझ
- करंट इलेक्ट्रिसिटी
- मॉडर्न फिजिक्स
ओवरथिंकिंग से बचें। स्टेबल फिजिक्स स्कोर आपको 85 से 90+ तक ले जाता है।
टिप 3: केमिस्ट्री को हल्के में मत लो
90+ लेवल पर केमिस्ट्री:
- गेम चेंजर बन जाती है
सच्चाई:
- एनसीईआरटी आधारित सवाल फ्री अंक होते हैं
- इनऑर्गेनिक छोड़ना भारी नुकसान देता है
- ऑर्गेनिक रिएक्शन क्लैरिटी मांगती है, रट्टा नहीं
90+ परसेंटाइल वाले केमिस्ट्री को “स्किप” नहीं करते। वे उसे “हार्वेस्ट” करते हैं।
टिप 4: मैथ्स में सेलेक्शन सीखो
गलत धारणा:
“ज्यादा सवाल = ज्यादा स्कोर”
हकीकत:
- 90+ वाले सारे मैथ्स सवाल नहीं करते
- वे सही सवाल चुनते हैं
मैथ्स में ज़रूरी है:
- डिसीजन मेकिंग
- टाइम मैनेजमेंट
- शांत दिमाग
ईगो सॉल्विंग से दूर रहो।
टिप 5: मॉक टेस्ट तभी काम करता है जब एनालिसिस हो
अधिकांश छात्र:
- मॉक देते हैं
- आगे बढ़ जाते हैं
फायदा उठाने वाले छात्र:
- देखते हैं अंक क्यों गिरे
- गलतियों को कैटेगराइज़ करते हैं:
- कॉन्सेप्ट की गलती
- सिली मिस्टेक
- टाइम इश्यू
मॉक टेस्ट रैंक नहीं बढ़ाता। एनालिसिस बढ़ाता है।
टिप 6: कंसिस्टेंसी पीक परफॉर्मेंस से ज़्यादा ज़रूरी है
एक अच्छा मॉक कुछ साबित नहीं करता। एक खराब मॉक सब खत्म नहीं करता।
90+ परसेंटाइल आता है:
- लगातार 120–140 स्कोर से
- कम उतार-चढ़ाव से
- प्रेशर में शांत रहने से
यह माइंडसेट ट्रेनिंग भी है।
टिप 7: अंक नहीं, परसेंटाइल का खेल खेलो
टॉप लेवल पर:
- आप पेपर से नहीं, छात्रों से लड़ रहे होते हो
कभी-कभी:
- एक रिस्की सवाल छोड़ना परसेंटाइल बढ़ाता है
- नेगेटिव मार्किंग सबसे बड़ा दुश्मन है
90+ परसेंटाइल वाले जानते हैं: कब नहीं करना है।
निष्कर्ष
जेईई मेन में 90+ परसेंटाइल कोई जादू नहीं है। यह गणित, मनोविज्ञान और रणनीति है।
- 90 परसेंटाइल के लिए लगभग 120–140 अंक चाहिए
- सही सब्जेक्ट बैलेंस ज़रूरी है
- मॉक टेस्ट का सही इस्तेमाल गेम बदल देता है
अगर आप एवरेज स्टूडेंट की तरह तैयारी करोगे, तो एवरेज रिज़ल्ट मिलेगा।
अगर आप समझकर तैयारी करोगे कि रैंक कैसे बनती है, तो 90+ पूरी तरह संभव है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. जेईई मेन में 90 परसेंटाइल का मतलब कितने अंक?
आमतौर पर 120 से 140 अंक, पेपर पर निर्भर करता है।
JEE Main Rank Predictor
Q2. क्या 120 अंक 90 परसेंटाइल के लिए काफी हैं?
कठिन पेपर में हाँ, आसान पेपर में बॉर्डरलाइन हो सकता है।
Q3. क्या केमिस्ट्री 90 परसेंटाइल के लिए ज़रूरी है?
हाँ, केमिस्ट्री स्कोर को स्थिर बनाती है।
Chemistry Chapter Wise Weightage
Q4. क्या मॉक टेस्ट अनिवार्य हैं?
हाँ, लेकिन एनालिसिस के बिना उनका फायदा नहीं।
Sample Papers
Q5. क्या 90 परसेंटाइल से अच्छे कॉलेज मिलते हैं?
हाँ, कई एनआईटी, जीएफटीआई और स्टेट कॉलेज उपलब्ध होते हैं।










