एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) भारत का सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान है और हर साल लाखों नीट उम्मीदवारों का सपना होता है। लेकिन यहां MBBS में दाखिला पाना देश की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। AIIMS Delhi ke liye minimum marks NEET में बहुत अधिक होते हैं, क्योंकि यहां सीटें सीमित हैं और प्रतिस्पर्धा पूरे देश से होती है।
इस लेख में हम आपको AIIMS Delhi cut off NEET 2026, कैटेगरी-वाइज कटऑफ, जरूरी रैंक और तैयारी की रणनीति की पूरी जानकारी देंगे।
एम्स दिल्ली में कितनी सीटें हैं?
एम्स दिल्ली में MBBS कोर्स के लिए कुल 132 सीटें हैं। ये सीटें विभिन्न कैटेगरी में इस प्रकार बंटी हैं:
| कैटेगरी | सीटों की संख्या |
| General (सामान्य) | 55 |
| OBC (NCL) | 32 |
| SC (अनुसूचित जाति) | 18 |
| ST (अनुसूचित जनजाति) | 9 |
| EWS (आर्थिक रूप से कमजोर) | 11 |
| विदेशी नागरिक | 7 |
| कुल | 132 |
एम्स दिल्ली में कोई राज्यस्तरीय कोटा नहीं होता। सभी सीटें ऑल इंडिया रैंक (AIR) के आधार पर भरी जाती हैं और केंद्र सरकार के आरक्षण नियम लागू होते हैं।
AIIMS Delhi NEET Cutoff 2026: कितने नंबर चाहिए?
NEET me AIIMS Delhi ka cutoff kitna hota hai यह सवाल हर मेडिकल उम्मीदवार के मन में होता है। एम्स दिल्ली कोई निश्चित कटऑफ अंक घोषित नहीं करता। दाखिला NEET स्कोर, ऑल इंडिया रैंक (AIR) और काउंसलिंग राउंड के आधार पर होता है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर अनुमानित NEET कटऑफ इस प्रकार है:
| कैटेगरी | अनुमानित अंक (720 में से) | अनुमानित रैंक |
| General (सामान्य) | 710 से 720+ | 45 से 55 |
| OBC (NCL) | 700 से 712 | 200 से 260 |
| EWS | 700+ | 200 से 260 |
| SC (अनुसूचित जाति) | 675 से 685 | 640 से 650 |
| ST (अनुसूचित जनजाति) | 660 से 670 | 1400 से 1410 |
ध्यान दें: ये आंकड़े पिछले वर्षों के ट्रेंड पर आधारित हैं। वास्तविक कटऑफ परीक्षा की कठिनाई, उम्मीदवारों की संख्या और प्रतिस्पर्धा के स्तर पर निर्भर करती है।
एम्स दिल्ली के लिए कितनी रैंक चाहिए?
AIIMS Delhi ke liye rank kitni chahiye यह समझना बहुत जरूरी है। एम्स दिल्ली में MBBS सीट के लिए:
- General कैटेगरी: AIR 1 से 55 के बीच होनी चाहिए
- OBC/EWS: AIR लगभग 200 से 260 के भीतर
- SC: AIR लगभग 640 से 650 के भीतर
- ST: AIR लगभग 1400 से 1410 के भीतर
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अंकों से ज्यादा रैंक पर ध्यान देना जरूरी है। क्योंकि यदि पेपर आसान हो, तो ज्यादा छात्र 700+ अंक पाते हैं, और कटऑफ अंक बढ़ जाते हैं। यदि पेपर कठिन हो, तो कम अंकों पर भी टॉप 50 रैंक मिल सकती है।
पिछले वर्षों की एम्स दिल्ली कटऑफ रैंक
| वर्ष | General कैटेगरी (क्लोजिंग रैंक) | OBC क्लोजिंग रैंक | SC क्लोजिंग रैंक |
| 2024 | 57 | 113 | 1,269 |
| 2025 | 207 (OBC) | 207 | अपडेट होगा |
नोट: एम्स दिल्ली MBBS 2025 में OBC कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक 207 थी। General कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक 2024 में 57 थी।
अंक क्यों बदलते रहते हैं हर साल?
बहुत से छात्र सोचते हैं कि यदि किसी साल 710 अंक पर एम्स दिल्ली मिला, तो अगले साल भी मिलेगा। लेकिन यह सोच गलत है। कटऑफ अंक हर साल बदलते हैं क्योंकि:
- परीक्षा की कठिनाई का स्तर हर साल अलग होता है
- आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या बदलती है
- एम्स दिल्ली की सीटें (132) हर साल एक जैसी रहती हैं
- इसलिए हमेशा रैंक पर ध्यान दें, केवल अंकों पर नहीं
एम्स दिल्ली: क्यों है यह इतना खास?
एम्स दिल्ली भारत की सबसे किफायती और उच्चतम गुणवत्ता वाली मेडिकल शिक्षा प्रदान करने वाला संस्थान है:
- 5.5 साल के MBBS कोर्स की पूरी फीस मात्र लगभग ₹8,000 से ₹10,000 है
- वार्षिक शुल्क लगभग ₹1,628 है
- हॉस्टल फीस लगभग ₹3,728 है
- यह भारत सरकार के अनुदान के कारण संभव है
यही कारण है कि हर साल देश के टॉप NEET रैंकर्स एम्स दिल्ली को अपनी पहली पसंद बनाते हैं।
एम्स दिल्ली में दाखिले की प्रक्रिया
एम्स दिल्ली में MBBS दाखिला MCC (Medical Counselling Committee) द्वारा NEET UG काउंसलिंग के माध्यम से होता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:
- NEET UG 2026 परीक्षा दें (3 मई 2026)
- NEET परिणाम आने के बाद MCC काउंसलिंग के लिए पंजीकरण करें
- काउंसलिंग में अपनी पसंद के कॉलेज भरें, जिसमें AIIMS Delhi पहले नंबर पर रखें
- ऑल इंडिया रैंक के आधार पर सीट आवंटन होगा
- सीट आवंटन के बाद दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करें
एम्स दिल्ली के लिए तैयारी कैसे करें?
यदि आपका लक्ष्य एम्स दिल्ली है, तो इन बातों पर ध्यान दें:
- NCERT पर मजबूत पकड़: Physics, Chemistry और Biology की NCERT 11वीं और 12वीं की किताबें पूरी तरह पढ़ें
- NEET Mock Tests: नियमित रूप से NEET मॉक टेस्ट दें और अपनी गलतियों का विश्लेषण करें
- पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र: NEET के पुराने प्रश्न पत्र हल करें ताकि प्रश्नों का ट्रेंड समझ में आए
- Accuracy पर ध्यान: सही उत्तर देना जरूरी है, क्योंकि गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग होती है
- रैंक-आधारित लक्ष्य: अंकों के बजाय टॉप 50-60 रैंक का लक्ष्य रखें
FAQs
1. एम्स दिल्ली के लिए नीट में कितने नंबर चाहिए?
पिछले वर्षों के ट्रेंड के आधार पर, General कैटेगरी के उम्मीदवारों को 720 में से 710 से अधिक अंक और ऑल इंडिया रैंक 55 के भीतर लानी होगी। OBC के लिए 700+ अंक, SC के लिए 675+ अंक और ST के लिए 660+ अंक की जरूरत होती है।
2. एम्स दिल्ली में MBBS के लिए कितनी सीटें हैं?
एम्स दिल्ली में MBBS के लिए कुल 132 सीटें हैं, जो General, OBC, SC, ST, EWS और विदेशी नागरिक कैटेगरी में विभाजित हैं।
3. क्या एम्स दिल्ली के लिए अलग से कोई परीक्षा देनी होती है?
नहीं। एम्स दिल्ली में MBBS दाखिला अब केवल NEET UG स्कोर और AIR के आधार पर होता है। MCC काउंसलिंग के माध्यम से सीट आवंटन किया जाता है।
4. क्या 690 अंक पर एम्स दिल्ली में दाखिला मिल सकता है?
General कैटेगरी के लिए 690 अंक पर एम्स दिल्ली में MBBS सीट मिलना बेहद मुश्किल है, क्योंकि इसके लिए आमतौर पर 710 से 720 के बीच अंक और टॉप 55 AIR की जरूरत होती है। हालांकि, 690 अंक अन्य AIIMS कैंपस के लिए पर्याप्त हो सकते हैं।
5. एम्स दिल्ली में कटऑफ हर साल क्यों बदलती है?
कटऑफ हर साल इसलिए बदलती है क्योंकि यह परीक्षा की कठिनाई, उम्मीदवारों की कुल संख्या और उस साल की प्रतिस्पर्धा पर निर्भर होती है। सीटें हर साल समान रहती हैं, लेकिन टॉप स्कोर करने वाले छात्रों की संख्या बदलती रहती है। इसीलिए अंकों से ज्यादा रैंक पर ध्यान देना जरूरी है।











