NEET एक ऐसा लक्ष्य है जो मेहनत, अनुशासन और सही दिशा मांगता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो तैयारी को गंभीरता से लेते हैं और लगातार सही रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं। अगर आप भी डॉक्टर बनने का सपना रखते हैं, तो यह लेख आपको पूरी तैयारी की राह दिखाएगा। यह केवल सामान्य सलाह नहीं है, बल्कि उन तरीकों पर आधारित है जिन्हें टॉपर और अनुभवी शिक्षकों ने वर्षों से अपनाया है।
NEET की तैयारी कब और कैसे शुरू करें
NEET की तैयारी करने का सबसे अच्छा समय वही है जब आप इसके लिए मानसिक रूप से तैयार हों। कई छात्र 11वीं कक्षा से शुरू करते हैं क्योंकि इससे दो साल का समय मिलता है। लेकिन अगर आप बाद में शुरू कर रहे हैं, तो भी चिंता न करें। महत्वपूर्ण यह है कि शुरुआत स्पष्ट रणनीति के साथ हो। NEET की तैयारी तब आसान लगती है जब आप यह समझ जाते हैं कि आपको क्या पढ़ना है, कितना पढ़ना है और कैसे पढ़ना है।
सिलेबस को अच्छी तरह समझें
NEETका पूरा पेपर सिलेबस से ही बनता है। इसलिए पहला कदम सिलेबस को ध्यान से पढ़ना और यह समझना है कि कौन-से अध्याय अधिक महत्वपूर्ण हैं। फिजिक्स ,केमिस्ट्री , बायोलॉजी— तीनों की लिस्ट बनाएं और उन अध्यायों को हाईलाइट करें जिनका वेटेज पिछले सालों में अधिक रहा है।
हर अध्याय को पढ़ना ज़रूरी है। एक भी प्रश्न चार नंबर का होता है और वही चार नंबर आपकी रैंक तय कर सकता है।
NEETके लिए रोज़ाना पढ़ाई का समय (Time Table)
एक अच्छा टाइम टेबल आपकी तैयारी की रीढ़ है।
टॉपर हमेशा कहते हैं कि टाइम टेबल ऐसा होना चाहिए जिसे आप लंबे समय तक फॉलो कर सकें।
टाइम टेबल बनाते समय ये बातें ध्यान रखें:
- रोज़ 6 से 8 घंटे की पढ़ाई शुरू में काफी होती है।
- कठिन विषय पहले पढ़ें और आसान विषय बाद में।
- हर दिन थोड़ी बायोलॉजी ज़रूर पढ़ें क्योंकि इसके नंबर सबसे अधिक होते हैं।
- हर हफ्ते एक दिन सिर्फ रिवीज़न और टेस्ट के लिए रखें।
- सोने, खाने और छोटे ब्रेक के लिए समय तय रखें।
संतुलित टाइम टेबल आपको लंबे समय तक motivated रखता है।
शुरुआत करने वालों के लिए आसान अध्ययन तरीका
अगर आप बिल्कुल शुरुआत कर रहे हैं, तो यह तरीका अपनाएं:
- पहले NCERT को समझने की कोशिश करें।
- कठिन शब्दों और फॉर्मूलों को अलग कॉपी में लिखें।
- हर अध्याय का छोटा-सा summary नोट बनाएं।
- पहले आसान और छोटे chapters पूरा करें ताकि confidence बढ़े।
- वीडियो लेक्चर देखकर concepts स्पष्ट करें।
धीरे-धीरे जब concepts मजबूत हो जाएंगे, तब आप गहरे स्तर पर पढ़ना शुरू कर सकते हैं।
सेल्फ स्टडी (Self Study) कैसे करें?
NEET की तैयारी में self study सबसे महत्वपूर्ण है।
कोचिंग सामग्री और लेक्चर तभी काम आएंगे जब आप खुद बैठकर उन्हें दोहराएंगे।
Self study के लिए ये तरीका अपनाएं:
- हर अध्याय के बाद अपने खुद के नोट्स बनाएं।
- माइंड मैप, फ्लोचार्ट और छोटे पॉइंट्स उपयोग करें।
- कठिन concepts को दो बार पढ़ें।
- हर सप्ताह सभी नोट्स रिवाइज़ करें।
- खुद से प्रश्न पूछें और कोशिश करें कि बिना किताब देखे जवाब दें।
Self study आपकी याददाश्त मजबूत करती है और परीक्षा में confidence देती है।
अच्छे स्टडी मटीरियल चुनें
बाज़ार में कई किताबें और कोचिंग नोट्स मिलते हैं, लेकिन सबकी आवश्यकता नहीं होती। सही मटीरियल चुनना तैयारी को आसान बना देता है।
NEET के लिए सबसे ज़रूरी किताब है — NCERT।
पहले इसे पूरी तरह समझें, फिर अतिरिक्त किताबें जोड़ें।
कौन-सी किताबें पढ़नी चाहिए
NEET के लिए ये किताबें काफी उपयोगी मानी जाती हैं:
फिजिक्स
- HC Verma (Concepts)
- DC Pandey (Practice)
केमिस्ट्री
- NCERT (सबसे ज़रूरी)
- OP Tandon / MS Chauhan (Organic)
- VK Jaiswal (Inorganic practice)
बायोलॉजी
- NCERT line-by-line
- MTG या Allen Modules for practice
याद रखें, किताबें कम हों लेकिन समझ गहरी हो।
महत्वपूर्ण अध्याय पहले पूरा करें
NEETमें कुछ chapters हर साल ज्यादा पूछे जाते हैं।
आप शुरुआत इनसे कर सकते हैं:
फिजिक्स
- मैकेनिक्स
- थर्मोडायनेमिक्स
- इलेक्ट्रिसिटी और मैग्नेटिज़्म
- मॉडर्न फिजिक्स
- ऑप्टिक्स
केमिस्ट्री
- केमिकल बॉन्डिंग
- केमिकल इक्विलिब्रियम
- ऑर्गेनिक रिएक्शंस
- कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स
- p-ब्लॉक और d-ब्लॉक एलिमेंट्स
- केमिकल काइनेटिक्स
बायोलॉजी
- सेल और सेल साइकिल
- इकोलॉजी
- ह्यूमन हेल्थ एंड डिज़ीज़
- रिप्रोडक्टिव हेल्थ
- प्लांट फिज़ियोलॉजी
- बायोटेक्नोलॉजी
इन chapters को पहले तैयार करने पर आपकी बेसिक पकड़ बन जाती है, जिससे बाकी chapters आसानी से समझ आते हैं।
नियमित रूप से रिवीज़न करें
रिवीज़न NEET की तैयारी का सबसे मजबूत हिस्सा है।
एक वैज्ञानिक तरीका यह है:
- नया chapter पढ़ने के 24 घंटे के अंदर रिवाइज़ करें।
- 3 दिन बाद फिर रिवाइज़ करें।
- फिर 7 और 14 दिन बाद दोबारा पढ़ें।
इस तरीके से concepts दिमाग में लंबे समय तक रहते हैं।
मॉक टेस्ट और PYQs को महत्व दें
NEET में अच्छा स्कोर करने वाले सभी छात्रों की एक आदत होती है — लगातार mock tests देना।
मॉक टेस्ट की मदद से:
- टाइम मैनेजमेंट बेहतर होता है।
- नए concept की कमियां दिखती हैं।
- गलतियों को दोहराने की संभावना कम होती है।
- परीक्षा का डर कम होता है।
हर हफ्ते कम से कम 1–2 मॉक टेस्ट ज़रूर दें।
पिछले सालों के प्रश्नपत्र भी ज़रूर हल करें।
स्वस्थ दिनचर्या बनाएं
तैयारी केवल पढ़ाई नहीं है। आपकी लाइफस्टाइल भी उतनी ही ज़रूरी है।
- रोज 7–8 घंटे की नींद लें।
- पौष्टिक खाना खाएं।
- हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें।
- मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग सीमित रखें।
आपका दिमाग तभी अच्छी तरह काम करता है जब शरीर स्वस्थ होता है।
क्या न करें
- बिल्कुल भी NCERT को नजरअंदाज न करें।
- कठिन chapters को बाद के लिए न छोड़ें।
- टेस्ट के खराब नंबरों से दुखी न हों।
- खुद की तुलना दूसरों से न करें।
- देर से पढ़ने की आदत न बनाएं।
इन गलतियों से आपकी तैयारी धीमी हो सकती है।
निष्कर्ष
NEET की तैयारी कठिन ज़रूर है, पर असंभव नहीं। सही रणनीति, सही किताबें, सही टाइम टेबल और लगातार self study आपको सफलता के करीब ले जाती है। शुरुआत धीरे करें, लेकिन स्थिरता बनाए रखें। हर दिन थोड़ा-सा भी आगे बढ़ना, आपको मंजिल के और पास ले जाता है।
जो छात्र ईमानदारी से मेहनत करते हैं, वही डॉक्टर बनते हैं।
और आप भी उन छात्रों में से एक बन सकते हैं।
अगर आप इस दिशा में पहला कदम उठा रहे हैं, तो आज ही अपना टाइम टेबल बनाएं और तैयारी शुरू करें। सफलता आपके सामने है — बस एक अनुशासित तैयारी की दूरी पर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NEET 2026 की परीक्षा कब होगी?
NEET 2026 की परीक्षा की संभावित तारीख 3 मई 2026 है। यह मई के पहले रविवार को आयोजित की जाएगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन NTA द्वारा 2026 की शुरुआत में जारी होने की उम्मीद है। परीक्षा ऑफलाइन पेन-पेपर मोड में होगी।
क्या NEET 2026 की परीक्षा दो बार होगी?
नहीं, NEET 2026 साल में केवल एक बार ही होगी। भले ही दो बार परीक्षा कराने को लेकर चर्चाएँ हुई हैं, लेकिन NTA ने 2026 के लिए ऐसा कोई निर्णय या घोषणा नहीं की है।
NEET 2026 की तैयारी कैसे करें?
तैयारी के दौरान शांत रहें और सकारात्मक सोच रखें। अपने बनाए हुए रिविजन नोट्स देखें, पुराने प्रश्नपत्र हल करें और इस समय कोई नया टॉपिक शुरू न करें।
NEET के सिलेबस को प्रभावी तरीके से कैसे revise करें?
छोटे नोट्स बनाएं और उन्हें हर हफ्ते दोहराएं। पुराने सालों के प्रश्न हल करें और कमजोर टॉपिक्स पर ज्यादा मेहनत करें।









