जेईई मेन की तैयारी करते समय गणित ऐसा विषय है जिसे नजरअंदाज करना नामुमकिन है। फिजिक्स और केमिस्ट्री भले ही बराबर अंक के हों, लेकिन असल में गणित ही कई बार रैंक तय करता है। वजह साफ है—अगर गणित मजबूत है, तो बाकी दोनों विषयों के संख्यात्मक सवाल भी आसान लगने लगते हैं।
कई छात्रों को गणित से डर लगता है, कुछ को यह बहुत लंबा लगता है, और कुछ इसे समय खपत वाला विषय मानते हैं। लेकिन सच यह है कि सही रणनीति के साथ गणित को स्कोरिंग बनाया जा सकता है। सवाल बस इतना है कि जेईई मेन मैथ्स की तैयारी कैसे करें ताकि मेहनत का पूरा फायदा मिले।
गणित को लेकर सोच बदलना सबसे पहला कदम
गणित रटने का विषय नहीं है। यहाँ “क्यों” और “कैसे” समझना ज्यादा जरूरी होता है। जब तक डर रहेगा, सवाल अटकते रहेंगे। इसलिए सबसे पहले अपने मन में यह बात बैठाइए कि:
- गणित सीखा जा सकता है
- हर सवाल का कोई न कोई छोटा तरीका होता है
- अभ्यास से गति अपने आप बढ़ती है
यही सोच आगे चलकर आपकी जेईई मेन मैथ्स के लिए बेस्ट स्ट्रेटेजी की नींव बनती है।
शुरुआत जितनी जल्दी, उतना फायदा
अधिकतर छात्र कक्षा 11 से तैयारी शुरू करते हैं, जो बिल्कुल सही समय माना जाता है। कुछ छात्र इससे भी पहले बेस बना लेते हैं।
जल्दी शुरुआत करने से:
- बुनियादी अवधारणाएँ साफ होती हैं
- सवालों में डर नहीं लगता
- अभ्यास के लिए पर्याप्त समय मिलता है
- परीक्षा के समय घबराहट कम होती है
जेईई मेन मैथ्स की तैयारी कैसे करें – सही तरीका
गणित का पाठ्यक्रम आसान और कठिन—दोनों तरह के अध्यायों का मिश्रण है। अगर आप स्मार्ट तरीके से पढ़ते हैं, तो कई अध्याय सीधे अंक दिलाते हैं।
गणित के मुख्य भाग
| भाग | क्या जरूरी है |
| बीजगणित | गणना की गति और सूत्रों की समझ |
| कलन | अवधारणा और अभ्यास |
| निर्देशांक ज्यामिति | चित्र बनाकर सोचने की आदत |
| त्रिकोणमिति | मूल सूत्रों की स्पष्टता |
बीजगणित: सबसे ज्यादा अंक देने वाला हिस्सा
बीजगणित को अक्सर सबसे सुरक्षित हिस्सा माना जाता है। यहाँ सवाल सीधे होते हैं, बस गणना तेज होनी चाहिए।
बीजगणित के जरूरी अध्याय
- द्विघात समीकरण
- क्रमचय और संचय
- प्रायिकता
- सम्मिश्र संख्याएँ
- आव्यूह और सारणिक
अगर इन पर पकड़ बन गई, तो जेईई मेन मैथ्स में अच्छे अंक कैसे लाएं इसका आधा जवाब यहीं मिल जाता है।
क्या आप जानते हैं?जेईई मेन में कई बार बीजगणित के सवाल ऐसे होते हैं जिन्हें 30–40 सेकंड में हल किया जा सकता है—बस तरीका पता होना चाहिए। |
कलन: थोड़ा लंबा, लेकिन बहुत जरूरी
कलन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि प्रश्नों की संख्या यहाँ से अच्छी खासी होती है।
कलन के दो भाग
- अवकलन कलन
- समाकलन कलन
यहाँ सवाल कभी सीधे सूत्र पर होते हैं, तो कभी अवधारणा पर। इसलिए सिर्फ सूत्र याद करना काफी नहीं होता।
निर्देशांक ज्यामिति: चित्र बनाओ, सवाल आसान होगा
यह हिस्सा देखने में बड़ा लगता है, लेकिन अगर आप सही तरीके से चित्र बनाना सीख गए, तो सवाल खुद आसान लगने लगते हैं।
मुख्य अध्याय
- सरल रेखा
- वृत्त
- परवलय
- दीर्घवृत्त
- अतिपरवलय
सरल रेखा और वृत्त से सबसे ज्यादा सवाल पूछे जाते हैं।
त्रिकोणमिति: नींव मजबूत होनी चाहिए
त्रिकोणमिति का असर सिर्फ गणित तक सीमित नहीं रहता, बल्कि फिजिक्स में भी काम आता है। इसलिए यहाँ मूल बातें बिल्कुल साफ होनी चाहिए।
- त्रिकोणमितीय अनुपात
- त्रिकोणमितीय फलन
- उनके अनुप्रयोग
जेईई मेन मैथ्स स्टडी प्लान कैसे बनाएं
एक अच्छा जेईई मेन मैथ्स स्टडी प्लान वही होता है जो भारी न लगे और रोज़ पूरा हो सके।
सरल दैनिक योजना
- सुबह: नया विषय
- दोपहर: उसी विषय के सवाल
- शाम: पुराने टॉपिक्स का दोहराव
हर हफ्ते एक दिन सिर्फ अभ्यास और गलतियों को समझने के लिए रखें।
रटने से बचें, समझने पर जोर दें
गणित में रटने से कुछ नहीं होता। हर सवाल में यह समझने की कोशिश करें कि:
- यह सवाल क्यों ऐसे हल हुआ
- क्या इससे छोटा तरीका हो सकता है
यही सोच आपको आगे बढ़ाती है।
सूत्रों की अलग कॉपी बनाना क्यों जरूरी है
गणित में सूत्र बहुत होते हैं। इसलिए:
- एक अलग कॉपी में सिर्फ सूत्र लिखें
- समय-समय पर उन्हें देखते रहें
- छोटे संकेत या ट्रिक भी साथ लिख लें
यह आदत परीक्षा से पहले बहुत काम आती है।
क्या आप जानते हैं?अधिकतर टॉपर छात्र हर सवाल को “सबसे छोटा तरीका” ढूंढकर हल करने की कोशिश करते हैं, न कि सबसे लंबा। |
अभ्यास ही असली कुंजी है
चाहे आप घर पर पढ़ रहे हों या कोचिंग के साथ, अभ्यास के बिना गणित आगे नहीं बढ़ता।
इसलिए:
- पुराने प्रश्न पत्र हल करें
- समय सीमा में सवाल हल करने की आदत डालें
- हर गलत सवाल को दोबारा समझें
यह तरीका जेईई मेन मैथ्स प्रिपरेशन टिप्स में सबसे अहम माना जाता है।
निष्कर्ष
गणित से डरने की जरूरत नहीं है। सही सोच, नियमित अभ्यास और संतुलित योजना से यह विषय आपका मजबूत पक्ष बन सकता है। अगर आप यह समझ गए कि जेईई मेन मैथ्स की तैयारी कैसे करें, तो आधी लड़ाई वहीं जीत ली।
याद रखें—गणित में मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: जेईई मेन मैथ्स की तैयारी कैसे करें ताकि समय कम लगे?
छोटे तरीकों पर ध्यान दें और नियमित अभ्यास करें।
प्रश्न 2: क्या गणित में रोज़ अभ्यास जरूरी है?
हाँ, बिना रोज़ अभ्यास के गति नहीं बनती।
प्रश्न 3: क्या घर पर रहकर भी मैथ्स की तैयारी हो सकती है?
बिल्कुल, सही योजना और अनुशासन से घर पर भी तैयारी संभव है।










