भारत में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में JEE Main छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यह परीक्षा NITs, IIITs, GFTIs और कई अन्य प्रसिद्ध इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश का आधार बनती है। इसके साथ ही यह JEE Advanced के लिए प्राथमिक पात्रता भी तय करती है। स्वाभाविक है कि हर छात्र यह जानना चाहता है कि “अच्छे कॉलेज” में प्रवेश पाने के लिए कितने अंक आवश्यक होते हैं। इस लेख में हम हाल के कट-ऑफ डेटा, अनुमानित स्कोर रेंज, परसेंटाइल-मार्क्स रूपांतरण, और 2026 के लिए आवश्यक लक्ष्य स्कोर का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। साथ ही JEE Main कट-ऑफ क्या होता है और इसका महत्व को भी स्पष्ट रूप से समझाया गया है ताकि तैयारी अधिक सटीक दिशा में आगे बढ़ सके।
क्वालिफाइंग कट-ऑफ बनाम एडमिशन कट-ऑफ
JEE Main में दो प्रकार के कट-ऑफ होते हैं:
- क्वालिफाइंग कट-ऑफ
- यह न्यूनतम परसेंटाइल होता है जो JEE Advanced के लिए एलिजिबिलिटी तय करता है।
- इसका उपयोग IIT प्रवेश प्रक्रिया में होता है।
- एडमिशन कट-ऑफ
- यह कॉलेजों और शाखाओं के अनुसार तय होता है।
- यह रैंक/स्कोर के आधार पर होता है और इससे NITs, IIITs और GFTIs में सीटें आवंटित होती हैं।
दूसरे शब्दों में, क्वालिफाइंग कट-ऑफ केवल एलिजिबिलिटी दिखाता है, जबकि एडमिशन कट-ऑफ यह तय करता है कि किस संस्थान में प्रवेश संभव है। यहां ध्यान रखना ज़रूरी है कि केवल एलिजिबिलिटी हासिल करने से टॉप कॉलेज में सीट पाना सुनिश्चित नहीं होता, क्योंकि अंतिम निर्णय आपकी रैंक, शाखा वरीयता और सीट उपलब्धता पर निर्भर करता है।
हाल के वर्षों के क्वालिफाइंग कट-ऑफ (2022–2024)
नीचे पिछले तीन वर्षों के कट-ऑफ दिए गए हैं। इससे 2026 के रुझानों का अनुमान लगाना आसान होगा और पिछले वर्षों का कट-ऑफ ट्रेंड स्पष्ट समझ में आएगा।
| वर्ष | General | EWS | OBC-NCL | SC | ST |
| 2024 | ~ 93.24 | ~ 81.33 | ~ 79.68 | ~ 60.09 | ~ 46.70 |
| 2023 | ~ 90.78 | ~ 75.62 | ~ 73.61 | ~ 51.98 | ~ 37.23 |
| 2022 | ~ 88.41 | ~ 63.11 | ~ 67.01 | ~ 43.08 | ~ 26.78 |
इन आंकड़ों से साफ है कि हाल के वर्षों में सामान्य श्रेणी के छात्रों को लगभग 93 परसेंटाइल के आसपास स्कोर करना पड़ा है। अन्य श्रेणियों के लिए कट-ऑफ तुलनात्मक रूप से कम रहा है, जिससे विभिन्न श्रेणियों के लिए कट-ऑफ (GEN/OBC/SC/ST/EWS) का अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।
JEE Main 2026 का अनुमानित क्वालिफाइंग कट-ऑफ
| श्रेणी | अनुमानित परसेंटाइल (2026) |
| General | 93.5 – 95.0 |
| EWS | ~ 81 |
| OBC-NCL | ~ 80.2 |
| SC | ~ 62 |
| ST | ~ 49 |
ये परसेंटाइल केवल JEE Advanced की पात्रता या सामान्य काउंसलिंग के लिए आवश्यक न्यूनतम सीमा दर्शाते हैं।
परसेंटाइल को मार्क्स में कैसे बदलें (Percentile-to-Marks Conversion)
परसेंटाइल समझना आसान है, लेकिन कई छात्र यह जानना चाहते हैं कि यह कितने अंक के बराबर बैठता है। नीचे हाल का डेटा दिया गया है:
| अंक (300 में से) | अनुमानित परसेंटाइल |
| 250 – 267 | 99.95 – 99.99 |
| 231 – 249 | 99.87 – 99.95 |
| 215 – 230 | 99.75 – 99.87 |
| 200 – 214 | 99.57 – 99.74 |
| 160 – 174 | 98.5 – 99.0 |
| 120 – 139 | 96 – 97 |
इस तालिका से यह स्पष्ट होता है कि 240–250 अंक तक पहुंचने पर आपका परसेंटाइल लगभग शीर्ष 0.1–0.2% में पहुंच सकता है, जबकि लगभग 200–230 अंक एक मजबूत रेंज मानी जाती है।
अच्छे कॉलेज के लिए कितना स्कोर जरूरी है?
कई छात्रों के लिए अच्छा कॉलेज NITs, IIITs या प्रमुख GFTIs होता है। कुछ के लिए लक्ष्य JEE Advanced के माध्यम से IIT तक पहुंचना होता है। यहाँ एक सरल आकलन दिया गया है:
- टॉप NITs/IIITs (विशेषकर CSE, ECE जैसी शाखाओं के लिए):
230 – 270+ अंक सुरक्षित माने जाते हैं। - मध्यम स्तर की संस्थाओं या कम प्रतिस्पर्धी शाखाओं में प्रवेश हेतु:
180 – 230 अंक पर्याप्त हो सकते हैं। - केवल JEE Advanced क्वालिफाई करने के लिए:
श्रेणी के अनुसार 220–240+ का लक्ष्य काफी सुरक्षित है।
यह अनुमान IIT, NIT और IIIT में कट-ऑफ के लिए न्यूनतम अंक समझने में सहायता करता है।
कट-ऑफ हर साल क्यों बदलता है?
कट-ऑफ कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें शामिल हैं:
- परीक्षा की कठिनाई स्तर
- परीक्षा देने वाले छात्रों की कुल संख्या
- उपलब्ध सीटें
- कोटा, श्रेणी, और आरक्षण नियम
- लोकप्रिय शाखाओं की मांग
इसीलिए, कट-ऑफ में साल-दर-साल उतार-चढ़ाव देखना सामान्य है। यह समझना भी आवश्यक है कि कट-ऑफ पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा या परीक्षा पैटर्न में बदलाव का भी असर पड़ सकता है। यहां कट-ऑफ पर प्रभाव डालने वाले कारक निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
2026 के लिए लक्ष्य स्कोर (Strategy Table)
| लक्ष्य | अनुशंसित अंक |
| JEE Advanced के लिए क्वालिफाई करना | 220–240+ |
| शीर्ष NIT/IIIT में सीट | 230–270+ |
| अच्छी शाखा सहित प्रतिष्ठित कॉलेज | 180–230 |
| किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज में सीट सुनिश्चित करना | 150–180 |
इस तालिका से यह समझ आता है कि यदि कट-ऑफ थोड़ा ऊपर भी चला जाए, तो भी यह स्कोर रेंज आपको सुरक्षित स्थिति में रखती है। यह सुरक्षित स्कोर (Safe Score) का अनुमान लगाने में सहायक है।
रैंक का अनुमान कैसे लगाएं?
कई छात्र जानना चाहते हैं कि उनके अंक किस रैंक में बदलेंगे। इसमें परसेंटाइल-टू-रैंक फॉर्मूला काम आता है। औसतन:
- 99+ परसेंटाइल = लगभग 1 से 15,000 रैंक
- 98 परसेंटाइल = लगभग 20,000–40,000 रैंक
- 95 परसेंटाइल = लगभग 70,000–1,00,000 रैंक
यह डेटा रैंक बनाम मार्क्स – कैसे अनुमान लगाएं को सरल बनाता है।
राज्यवार कट-ऑफ रुझान
कुछ राज्यों में छात्रों को होम स्टेट कोटा लाभ मिलता है। इसलिए NITs में प्रवेश के दौरान
ऑल इंडिया कोटा बनाम स्टेट कोटा – अंतर
समझना बहुत जरूरी है।
राज्यवार कट-ऑफ में अक्सर अंतर देखा जाता है क्योंकि सीट वितरण, छात्र संख्या और आरक्षण संरचना अलग-अलग होती है। यही कारण है कि स्टेट वाइज कट-ऑफ रुझान जानना काफी लाभकारी है।
काउंसलिंग प्रक्रिया का महत्व
जब आप कट-ऑफ पार कर लेते हैं, तो उसके बाद सीट आवंटन की पूरी प्रक्रिया होती है।
इस प्रक्रिया में राउंड-बाय-राउंड सीट अलॉटमेंट, चॉइस फिलिंग, दस्तावेज़ सत्यापन और रिपोर्टिंग शामिल होते हैं।
इस संदर्भ में काउंसलिंग प्रक्रिया और कदम को अच्छी तरह समझना आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, क्योंकि सीट आवंटन में छोटी-सी गलती भी आपकी रैंक के बावजूद नुकसान पहुंचा सकती है।
निष्कर्ष
अगर आप JEE Main 2026 में शीर्ष स्तर के कॉलेज का लक्ष्य रखते हैं, तो 230–270 अंक के बीच पहुंचने का प्रयास करें। यह रेंज NITs और IIITs जैसे संस्थानों में मजबूत अवसर प्रदान करती है। यदि आपका लक्ष्य स्थिर प्रवेश है, तो 180–230 अंक भी संतोषजनक हैं। हर साल कट-ऑफ बदलता है, इसलिए थोड़ा-सा ऊँचा लक्ष्य रखना बेहतर होता है। नियमित अभ्यास, मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन इस लक्ष्य को प्राप्त करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हर श्रेणी का कट-ऑफ अलग होता है?
हाँ, प्रत्येक श्रेणी जैसे General, OBC-NCL, SC, ST और EWS के लिए अलग-अलग कट-ऑफ तय होते हैं। इसका मुख्य कारण आरक्षण नीति और सीट वितरण है।
क्या 100–120 अंक अच्छे कॉलेज के लिए पर्याप्त हैं?
आमतौर पर नहीं। यह स्कोर लगभग 96–97 परसेंटाइल दे सकता है जो शीर्ष NITs के लिए पर्याप्त नहीं होता, हालांकि कुछ मध्यम कॉलेजों में अवसर मिल सकता है।
क्या 150–180 अंक किसी कॉलेज में सीट सुनिश्चित करते हैं?
बहुत-सी कम प्रतिस्पर्धी शाखाओं और संस्थानों में यह रेंज पर्याप्त होती है, लेकिन लोकप्रिय शाखाओं के लिए उच्च स्कोर की जरूरत होती है।
क्या JEE Main से IIT में सीधे प्रवेश मिलता है?
नहीं। IIT में प्रवेश केवल JEE Advanced के माध्यम से होता है। JEE Main केवल पात्रता तय करता है।








