इसलिए आकाश एक्सपर्ट्स की सलाह है: एग्ज़ाम हॉल में जाने से पहले की तैयारी भी उतनी ही ज़रूरी है जितनी सिलेबस की। नीचे हम वही बातें बता रहे हैं जो असली एग्ज़ाम में फर्क डालती हैं ना कि जनरल गाइडलाइन्स।
घर से निकलने से पहले: सबसे ज़रूरी चेकलिस्ट
एग्ज़ाम वाले दिन घर से निकलते समय दिमाग में एक ही सवाल होना चाहिए- “कुछ छूटा तो नहीं?”
ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स
इनमें से एक भी मिस हुआ तो एंट्री रुक सकती है:
- जेईई मेन एडमिट कार्ड (ए4 साइज प्रिंटआउट)
- ओरिजिनल फोटो आईडी (आधार कार्ड / पासपोर्ट / ड्राइविंग लाइसेंस)
- पासपोर्ट साइज फोटो (वही जो एप्लिकेशन फॉर्म में लगी थी)
- सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म (अगर लागू हो)
- पीडब्ल्यूडी सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
टिप: ये सब एक ट्रांसपेरेंट फाइल में एक रात पहले ही रख लें।
साथ में क्या ले जा सकते हैं
- सिंपल ट्रांसपेरेंट बॉल पेन
- ट्रांसपेरेंट वॉटर बॉटल
- हैंड सैनिटाइज़र (50 एमएल)
डायबिटिक स्टूडेंट्स के लिए: शुगर टैबलेट या फल (केला, सेब, संतरा) की अनुमति होती है, लेकिन पैक्ड फूड नहीं।
ड्रेस कोड: हल्के कपड़े, हल्का दिमाग
ड्रेस कोड को हल्के में लेना बहुत बड़ी गलती हो सकती है।
क्या पहनें
- सिंपल कपड़े
- स्लीपर या सैंडल
- बिना सॉक्स के
क्या न पहनें
- मेटल बटन या ज़िप
- ज्वेलरी, चेन, रिंग
- घड़ी (किसी भी टाइप की)
- कैप या हैट
क्यों ज़रूरी है ये सब? सिक्योरिटी चेक में देरी होती है और अनावश्यक तनाव बढ़ता है।
एग्ज़ाम सेंटर पर पहुँचने का सही तरीका
नीचे लिखे हुए तरीके ही फॉलो करें अगर आप किसी भी लास्ट मोमेंट ऑक्सीटी से बचना चाहते हैं।
समय से पहले पहुँचें
- रिपोर्टिंग टाइम से कम से कम 1 घंटा पहले पहुँचें
- गेट बंद होने के बाद एंट्री नहीं मिलती
आकाश की खास सलाह: एग्ज़ाम से एक दिन पहले सेंटर की लोकेशन ज़रूर देख लें। इससे एग्ज़ाम डे पर दिमाग शांत रहता है।
सिक्योरिटी और बायोमेट्रिक
- फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक प्रोसेस में सहयोग करें
- घबराएँ नहीं, ये सभी के लिए एक जैसा होता है
एग्ज़ाम हॉल के अंदर: जहाँ असली खेल शुरू होता है
एग्जाम हॉल के अंदर क्या करना चाइये यह याद रखें।
सीट और स्क्रीन चेक करें
- रोल नंबर के अनुसार सीट ढूँढें
- कंप्यूटर स्क्रीन पर अपना नाम और डिटेल्स चेक करें
अगर कोई गलती दिखे, तुरंत इन्विजिलेटर को बताएं।
अटेंडेंस प्रोसेस
- अटेंडेंस शीट पर साइन करें
- फोटो पेस्ट करें
- लेफ्ट हैंड थम्ब इम्प्रेशन साफ़ दें
यह प्रोसेस जल्दबाज़ी में न करें।
रफ वर्क और टाइम मैनेजमेंट
रफ़ शीट रखना बहोत इम्पोर्टेन्ट है लेकिन इसकी भी कुछ डिटेल्स याद रखनी होती हैं।
रफ शीट के नियम
- सिर्फ़ वही रफ शीट इस्तेमाल करें जो दी गई हो
- नाम और रोल नंबर लिखें
- एग्ज़ाम के बाद शीट वापस करें
सवाल सॉल्व करने की सही स्ट्रैटेजी
ये बात बहुत कम स्टूडेंट्स समझते हैं:
- पहले आसान सवाल करें
- मुश्किल सवालों में फँसें नहीं
- नेगेटिव मार्किंग को हमेशा ध्यान में रखें
याद रखें: जेईई में रैंक ज़्यादा सवाल करने से नहीं, कम गलतियाँ करने से बनती है।
क्या बिल्कुल नहीं करना है
- किसी से बात न करें
- दूसरे की स्क्रीन न देखें
- बिना अनुमति सीट न छोड़ें
- रफ शीट बाहर न ले जाएँ
इनमें से कोई भी गलती डिसक्वालिफिकेशन तक ले जा सकती है।
एग्ज़ाम से पहले माइंडसेट: सबसे कम बात की जाती है
आकाश एक्सपर्ट्स का अनुभव कहता है- एग्ज़ाम से पहले दिमाग जितना शांत होगा, परफॉर्मेंस उतनी बेहतर होगी।
एग्ज़ाम से एक रात पहले
- पूरा सिलेबस दोबारा न देखें
- नए सवाल या नया टॉपिक बिल्कुल न पढ़ें
- सिर्फ़ रिविज़न नोट्स या फ्लैशकार्ड देखें
- पूरी नींद लें
एग्ज़ाम की सुबह
- हल्का नाश्ता करें
- जल्दी निकलें
- खुद से कहें: “मैं तैयार हूँ”
आकाश एक्सपर्ट टिप: आखिरी 10 मिनट कैसे यूज़ करें
एग्ज़ाम खत्म होने से पहले:
- अटेम्प्टेड सवालों को एक बार चेक करें
- यूनिट्स, साइन और ऑप्शन नंबर देखें
- जल्दबाज़ी में बदलाव न करें
निष्कर्ष
जेईई मेन सिर्फ़ नॉलेज का एग्ज़ाम नहीं है। यह डिसिप्लिन, प्रेज़ेंस ऑफ माइंड और सही फैसलों का एग्ज़ाम है। आपने महीनों तैयारी की है। अब ज़रूरत है कि एग्ज़ाम डे पर कोई छोटी गलती आपकी मेहनत को नुकसान न पहुँचाए। याद रखें, जो छात्र एग्ज़ाम हॉल में शांत रहता है, वही बाहर खुश निकलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या जेईई एग्ज़ाम हॉल में मोबाइल ले जा सकते हैं?
नहीं। मोबाइल, स्मार्टवॉच या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सख्त मना है।
2. अगर एडमिट कार्ड भूल जाएँ तो क्या होगा?
एडमिट कार्ड के बिना एंट्री नहीं मिलती। इसलिए इसे एक दिन पहले ही तैयार रखें।
3. क्या रफ शीट घर ले जा सकते हैं?
नहीं। सभी रफ शीट एग्ज़ाम के बाद जमा करनी होती हैं।
4. एग्ज़ाम सेंटर कितनी देर पहले पहुँचना चाहिए?
कम से कम एक घंटा पहले पहुँचना सबसे सुरक्षित रहता है।
5. क्या आखिरी दिन नया टॉपिक पढ़ना सही है?
बिल्कुल नहीं। इससे कन्फ्यूज़न और एंग्ज़ायटी बढ़ती है।









