सच कहें तो कुछ बच्चों को केमिस्ट्री मज़ेदार लगती है। रिएक्शन समझ में आते हैं। फॉर्मूले याद हो जाते हैं। लेकिन कई बच्चों के लिए यही केमिस्ट्री सिरदर्द बन जाती है। नाम लंबे, रिएक्शन उलझे हुए, और कॉन्सेप्ट समझ नहीं आते।
पर घबराने की जरूरत नहीं है। सही जेईई मेन केमिस्ट्री तैयारी स्ट्रेटेजी अपनाओगे, तो यह सब्जेक्ट भी दोस्त बन सकता है।
जल्दी शुरुआत करना क्यों जरूरी है?
टीचर्स और एक्सपर्ट्स एक बात पर लगभग हमेशा सहमत रहते हैं—जेईई मेन की तैयारी अगर कक्षा 11 से शुरू हो जाए, तो बहुत फायदेमंद रहती है। कुछ स्टूडेंट्स तो कक्षा 9 या 10 से ही बेस मजबूत करना शुरू कर देते हैं।
जल्दी शुरू करने का मतलब यह नहीं कि दिन-रात पढ़ाई ही पढ़ाई। इसका मतलब है बिना प्रेशर के, आराम से समझते हुए पढ़ना।
जल्दी तैयारी शुरू करने से:
- टाइम मैनेजमेंट अपने-आप सीखने को मिलता है
- रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ने की आदत बन जाती है
- अपने खुद के अच्छे और काम के नोट्स बन पाते हैं
- फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक—तीनों केमिस्ट्री को समझने का पूरा समय मिलता है
आखिर में यही कहेंगे—केमिस्ट्री को टालो मत। उससे दोस्ती कर लो। सही प्लान, थोड़ा धैर्य और रोज़ की प्रैक्टिस से जेईई मेन केमिस्ट्री में अच्छे नंबर लाना बिल्कुल मुमकिन है।
जेईई मेन केमिस्ट्री की तैयारी कैसे करें
केमिस्ट्री की तैयारी करते समय सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह विषय तीन हिस्सों में बँटा होता है:
| केमिस्ट्री के भाग | मुख्य फोकस |
| भौतिक रसायन | सूत्र, संख्यात्मक प्रश्न |
| अकार्बनिक रसायन | तथ्य, आवर्त सारणी, बंध |
| कार्बनिक रसायन | अवधारणाएँ, अभिक्रिया तंत्र |
तीनों भागों की संतुलित तैयारी से ही अच्छे अंक मिलते हैं।
1. मूल बातें साफ रखें और एनसीईआरटी पर भरोसा करें
केमिस्ट्री में मजबूत नींव सबसे जरूरी है। कक्षा 11 और 12 की एनसीईआरटी किताबें:
- विषय को सरल भाषा में समझाती हैं
- उदाहरण, चित्र और सारणियाँ देती हैं
- परीक्षा स्तर के मानक प्रश्न शामिल करती हैं
हर अध्याय के अंत में दिए गए प्रश्न और मुख्य बिंदुओं को कभी न छोड़ें। यही जेईई मेन केमिस्ट्री के लिए जरूरी किताबें चुनने का पहला और सबसे अहम कदम है।
क्या आप जानते हैं?जेईई मेन के केमिस्ट्री प्रश्नों का बड़ा हिस्सा सीधे या परोक्ष रूप से एनसीईआरटी से ही आता है। |
- बहुत ज़्यादा किताबों के चक्कर में न पड़ें
ये सबसे कॉमन गलती है। डर लगता है तो छात्र हर दूसरी किताब उठा लेते हैं। लगता है जितनी ज़्यादा किताबें, उतनी अच्छी तैयारी। लेकिन असल में होता इसका उल्टा है।
बहुत सारी किताबें पढ़ने से:
- दिमाग और ज़्यादा कन्फ्यूज़ हो जाता है
- कुछ ज़रूरी टॉपिक्स ठीक से हो ही नहीं पाते
- रिविजन के लिए समय ही नहीं बचता
इसलिए सिंपल रखें। पहले NCERT को अच्छे से पढ़ें। लाइन-बाय-लाइन। जब NCERT पूरी तरह समझ में आ जाए, तभी 1–2 भरोसेमंद एक्स्ट्रा किताबें जोड़ें। याद रखिए, किताबों की संख्या नहीं, समझ मायने रखती है।
- नियमित अभ्यास और सवालों की प्रैक्टिस
केमिस्ट्री सिर्फ पढ़ने का सब्जेक्ट नहीं है। इसमें प्रैक्टिस बहुत जरूरी है। जितना ज़्यादा सवाल करोगे, उतना कॉन्फिडेंस आएगा।
बेहतर तैयारी के लिए:
- पिछले सालों के जेईई मेन के प्रश्न जरूर हल करें
- सैंपल पेपर्स और मॉक टेस्ट लगाते रहें
- टाइम लिमिट में सवाल हल करने की आदत डालें
धीरे-धीरे आपकी स्पीड भी बढ़ेगी और गलतियां भी कम होंगी। और यही चीज़ असली परीक्षा में काम आती है।
इससे परीक्षा का डर कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यही जेईई मेन केमिस्ट्री प्रिपरेशन टिप्स में सबसे असरदार तरीका है।
4. लगातार दोहराव क्यों जरूरी है
अक्सर छात्र पूरा पाठ्यक्रम खत्म करने के चक्कर में दोहराव (revision) को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि:
- बार-बार दोहराव से सूत्र याद रहते हैं
- अभिक्रियाएँ लंबे समय तक याद रहती हैं
- परीक्षा के समय भूलने की संभावना कम होती है
हफ्ते में कम से कम दो बार पूरे केमिस्ट्री टॉपिक्स का दोहराव जरूर करें।
जेईई मेन केमिस्ट्री के महत्वपूर्ण टॉपिक्स
तीनों भागों के कुछ टॉपिक्स ऐसे हैं जिनका महत्व ज्यादा होता है:
| भाग | महत्वपूर्ण टॉपिक्स |
| भौतिक रसायन | ऊष्मागतिकी, गैस सिद्धांत, रेडॉक्स अभिक्रिया |
| अकार्बनिक रसायन | रासायनिक बंध, आवर्त सारणी, ब्लॉक तत्व |
| कार्बनिक रसायन | कार्बोनिल यौगिक, अभिक्रिया तंत्र |
इन टॉपिक्स पर अतिरिक्त ध्यान देना जरूरी है।
5. सूत्र और अभिक्रियाएँ याद रखें
केमिस्ट्री में अच्छे अंक लाने के लिए:
- जरूरी सूत्र
- अभिक्रिया तंत्र
- समीकरण
बार-बार याद करना जरूरी है। अलग से एक कॉपी बनाकर सिर्फ सूत्र और अभिक्रियाएँ लिखें और रोज़ देखें।
जेईई मेन केमिस्ट्री स्टडी प्लान कैसे बनाएं
एक अच्छा जेईई मेन केमिस्ट्री स्टडी प्लान वही होता है जो:
- आपकी कमजोर और मजबूत दोनों जगहों पर काम करे
- पढ़ाई, अभ्यास और दोहराव को संतुलित रखे
दैनिक योजना के मुख्य बिंदु
- सुबह नया अध्याय पढ़ें
- दोपहर में प्रश्न अभ्यास करें
- शाम को पुराने टॉपिक्स दोहराएँ
जेईई मेन केमिस्ट्री के लिए बेस्ट स्ट्रेटेजी
- सही सोच के साथ पढ़ाई शुरू करें
- एनसीईआरटी को आधार बनाएं
- सीमित किताबों से पढ़ाई करें
- नियमित अभ्यास करें
- बार-बार दोहराव करें
यही सबसे प्रभावी जेईई मेन केमिस्ट्री के लिए बेस्ट स्ट्रेटेजी है।
क्या आप जानते हैं?केमिस्ट्री ऐसा विषय है जिसमें कम समय में भी अच्छे अंक लाए जा सकते हैं, अगर रणनीति सही हो। |
जेईई मेन केमिस्ट्री में अच्छे अंक कैसे लाएं
अगर आप:
- सही किताबें चुनते हैं
- नियमित अभ्यास करते हैं
- महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर फोकस रखते हैं
- पढ़े हुए को बार-बार दोहराते हैं
तो आप आसानी से समझ जाएंगे कि जेईई मेन केमिस्ट्री में अच्छे अंक कैसे लाएं।
निष्कर्ष
केमिस्ट्री को अक्सर जेईई मेन का सबसे स्कोरिंग विषय माना जाता है। सही जेईई मेन केमिस्ट्री तैयारी स्ट्रेटेजी, नियमित अभ्यास और संतुलित जेईई मेन स्टडी प्लान के साथ यह विषय आपके कुल अंक काफी बढ़ा सकता है।
अगर आप अनुशासन और सही दिशा में मेहनत करेंगे, तो केमिस्ट्री आपकी ताकत बन सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जेईई मेन केमिस्ट्री की तैयारी कैसे करें?
सबसे पहले एक बात साफ समझ लें—केमिस्ट्री कोई ऐसा सब्जेक्ट नहीं है जो आख़िरी समय में रट लिया जाए। इसकी तैयारी धीरे-धीरे और सही तरीके से करनी पड़ती है। शुरुआत हमेशा NCERT से करें, क्योंकि जेईई मेन के ज़्यादातर सवाल वहीं से बनते हैं। किताब को सिर्फ पढ़ें नहीं, समझें। रिएक्शन क्यों हो रहा है, फॉर्मूला कहाँ से आया है—ये सोचते हुए पढ़ें।
इसके साथ-साथ रोज़ थोड़ी प्रैक्टिस भी ज़रूरी है। सवाल हल करेंगे तो डर अपने-आप कम होगा। और जो पढ़ा है, उसका रिविजन करते रहना बहुत ज़रूरी है। बिना दोहराव के केमिस्ट्री ज़्यादा दिन याद नहीं रहती।
केमिस्ट्री में सबसे ज़्यादा अंक किस भाग से आते हैं?
अक्सर स्टूडेंट्स सोचते हैं कि सिर्फ फिजिकल या सिर्फ ऑर्गेनिक से ही नंबर आते हैं। लेकिन सच ये है कि फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक—तीनों से बैलेंस में सवाल आते हैं।
अगर आपने किसी एक हिस्से को नज़रअंदाज़ किया, तो पेपर में वही भारी पड़ सकता है। अच्छी बात ये है कि तीनों ही भाग स्कोरिंग हैं, बस तैयारी का तरीका अलग होता है। फिजिकल में प्रैक्टिस, ऑर्गेनिक में कॉन्सेप्ट और रिएक्शन की समझ, और इनऑर्गेनिक में NCERT की लाइन-टू-लाइन पढ़ाई—इतना कर लिया तो अच्छे नंबर आ सकते हैं।
क्या केमिस्ट्री के लिए रोज़ पढ़ना ज़रूरी है?
हाँ, बिल्कुल ज़रूरी है। केमिस्ट्री ऐसा सब्जेक्ट नहीं है जिसे हफ्ते में एक-दो दिन पढ़ लिया और हो गया। रोज़ थोड़ा-सा पढ़ना ज्यादा असरदार होता है।
हर दिन अगर 30–40 मिनट भी केमिस्ट्री को दे दिए, तो रिएक्शन और फॉर्मूले दिमाग में बने रहते हैं। साथ ही रोज़ का छोटा सा रिविजन बहुत काम आता है। इससे न तो बोझ लगता है और न ही एग्ज़ाम के टाइम पैनिक होता है। सीधी बात है—नियमित पढ़ाई + लगातार दोहराव = केमिस्ट्री में अच्छा स्कोर।










