JEE Main 2026 State Toppers (Session 1)
इस साल के कुछ टॉप परफॉर्मर्स:
- AJAIY P: तमिलनाडु – 99.999238 percentile (Tamil Nadu State Topper)
- Abhinav Batta: जम्मू और कश्मीर – 99.8351331 percentile
- Harsh Agarwal: दमन और दीव – 99.7749684 percentile
- Utkarsh Khokhar: उत्तर प्रदेश – 99.9992497 percentile
इन स्कोर से साफ है कि इन छात्रों ने बहुत ही सटीक और लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। JEE Main जैसे कठिन और प्रतियोगी एग्ज़ाम में इतनी ऊँची percentile लाना आसान नहीं होता।
AJAIY P ने 99.999238 percentile हासिल करके तमिलनाडु में पहला स्थान पाया है। यह राज्य और Aakash परिवार दोनों के लिए गर्व की बात है।
JEE Main 2026 Toppers List Out: Name, Score & Percentile, Aakashians Shine Again
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99 Percentile के बाद असली खेल शुरू होता है
99 percentile पार करना बड़ी बात है। लेकिन उसके बाद रैंक में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव हो सकता है।
इस लेवल पर:
- सिर्फ 1–2 नंबर का फर्क सैकड़ों रैंक आगे-पीछे कर सकता है।
- बराबर नंबर आने पर tie-breaking rules लागू हो सकते हैं।
- किस सब्जेक्ट में आप ज़्यादा मजबूत हैं, उससे भी फाइनल पोज़िशन पर असर पड़ता है।
अगर टॉप स्टूडेंट्स के Mathematics के नंबर लगभग पूरे आ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि रैंक बहुत टाइट हो गई है। यानी थोड़ा सा भी फर्क बड़ा असर डाल सकता है। ऐसे में tie-breaking काम आता है।
अगर Chemistry में ज़्यादातर टॉपर्स की accuracy बहुत हाई है, तो समझिए पेपर स्कोरिंग था। वहाँ ज्यादा सवाल करने से ज्यादा सही तरीके से करने पर फायदा मिला।
टॉपर लिस्ट को ऐसे समझते हैं।
शांत दिमाग से।
भावनाओं में आकर नहीं।
आगे क्या होगा?
कुछ जरूरी बातें याद रखें:
- Percentile हर session के हिसाब से अलग निकाली जाती है।
- Final AIR (All India Rank) Session 2 के बाद normalisation के जरिए तय होगी।
- Session 1 में टॉप करना जरूरी नहीं कि वही आपकी फाइनल रैंक भी हो।
हर session के बाद मुकाबला फिर से शुरू होता है। लेकिन इस बार benchmark काफी हाई सेट हो चुका है।
Aakash के स्टूडेंट्स ने फिर दिखा दिया कि focused तैयारी क्या कर सकती है। अब Session 2 बाकी है। और फाइनल AIR की रेस और भी तेज़ होने वाली है।
जेईई मेन 2026 टॉपर्स कैसे चुने जाते हैं
एनटीए सभी शिफ्ट का नॉर्मलाइजेशन करके परसेंटाइल बनाता है। जिसका नॉर्मलाइज्ड स्कोर सबसे ज्यादा होता है उसे 100 परसेंटाइल मिलता है।
अगर दो स्टूडेंट्स का परसेंटाइल बराबर होता है तो यह देखा जाता है
- ज्यादा मैथ्स स्कोर
- ज्यादा फिजिक्स स्कोर
- ज्यादा केमिस्ट्री स्कोर
- उम्र
मैथ्स अक्सर आखिरी फैसला करता है। इसीलिए टॉप रैंक वाले स्टूडेंट्स में मैथ्स की एक्यूरेसी बहुत ज्यादा होती है।
जेईई मेन टॉपर्स के टिप्स और अनुभव जल्द यहां मिलेंगे
- टॉप स्कोर करने वाले स्टूडेंट हर सवाल नहीं करते।
- वे सही सवाल करते हैं और गलती से बचते हैं।
टॉपर के इंटरव्यू आने के बाद यह सेक्शन अपडेट किया जाएगा।
जेईई मेन 2026 रिजल्ट के बाद क्या करें
रिजल्ट आने के बाद रिएक्ट नहीं इंटरप्रेट करना जरूरी होता है।
- 99.5 से ऊपर आईआईटी और टॉप एनआईटी ब्रांच का चांस बनता है।
- 98 से 99 के बीच सही ब्रांच चुनना ज्यादा जरूरी होता है।
- 95 से 97 के बीच काउंसलिंग प्लानिंग जरूरी होती है।
- 95 से नीचे सेशन 2 की तैयारी डेटा के हिसाब से करनी चाहिए।
हमेशा अपनी कैटेगरी और पुराने कटऑफ के हिसाब से खुद को देखो।
अगला कदम साफ सोच के साथ लो
अब जब JEE Main 2026 का रिज़ल्ट और टॉपर्स लिस्ट जारी हो चुकी है, तो सिर्फ percentile देखकर रुक मत जाओ।
देखो:
- कितने स्टूडेंट्स को 100 percentile मिला।
- सब्जेक्ट का ट्रेंड क्या रहा।
- अपने अनुमानित रैंक के हिसाब से कॉलेज शॉर्टलिस्ट करो।
अगर Session 2 बाकी है, तो इसी डेटा से अपनी रणनीति बेहतर बनाओ।
जहाँ कमी रही, उसे अभी ठीक करो।
अगर काउंसलिंग पास है, तो अभी से प्लान बनाना शुरू करो।
रिज़ल्ट डाउनलोड करो। सिर्फ नंबर मत देखो। डेटा को समझो। और उसी हिसाब से अगला कदम तय करो।
अंतिम बात
जेईई मेन 2026 टॉपर्स लिस्ट सिर्फ पहला नंबर पाने वाले के बारे में नहीं होती। यह बताती है कि एग्जाम कितना टफ था। हर साल स्टूडेंट मार्क्स को ज्यादा और परसेंटाइल को कम समझते हैं। जो नॉर्मलाइजेशन और परसेंटाइल को समझते हैं वही सही फैसला लेते हैं। आप 99.9 पर हों या 95 पर सही समझ ही आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है।
जेईई मेन 2026 टॉपर्स लिस्ट से जुड़े सवाल
Q1. क्या प्रोविजनल आंसर की से एआईआर 1 पता चल सकता है
नहीं। फाइनल रैंक सिर्फ एनटीए के परसेंटाइल से तय होती है।
Q2. जेईई मेन में नॉर्मलाइजेशन क्या होता है?
नॉर्मलाइजेशन एक सांख्यिकीय तरीका है। इससे अलग अलग शिफ्ट के स्कोर को बराबर किया जाता है। यह रॉ मार्क्स को परसेंटाइल में बदलता है ताकि सबके साथ न्याय हो सके।









