जेईई मेन 2026 सेशन 1 के तहत जनवरी 28 शिफ्ट 1 (मॉर्निंग शिफ्ट) का एग्ज़ाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित किया गया। यह परीक्षा सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई।
यह पूरी तरह NTA के स्टैंडर्ड पैटर्न के अनुरूप रहा, जो इस सेशन की पिछली शिफ्ट्स में भी देखने को मिला था।
इस जेईई मेन 2026 जनवरी 28 शिफ्ट 1 एनालिसिस में हम जानेंगे:
- पेपर का ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल
- सब्जेक्ट वाइज एनालिसिस (फिज़िक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स)
- टॉपिक वाइज ट्रेंड्स
- स्टूडेंट्स के रिएक्शन्स
- गुड अटेम्प्ट और एक्सपेक्टेड स्कोर
- आने वाले शिफ्ट्स के लिए एग्ज़ाम रिव्यू
जेईई मेन 2026 जनवरी 28 मॉर्निंग शिफ्ट: ओवरव्यू
परीक्षा केंद्रों से आए स्टूडेंट्स के अनुसार, जेईई मेन जनवरी 28 शिफ्ट 1 का डिफिकल्टी लेवल मॉडरेट रहा। फिज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स – किसी भी सब्जेक्ट में कोई बड़ा सरप्राइज़ नहीं देखने को मिला।
यह पेपर मुख्य रूप से:
- कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग
- एप्लिकेशन स्किल
- और टाइम मैनेजमेंट
को टेस्ट करने वाला था, बिल्कुल उसी तरह जैसे 21 से 24 जनवरी के बीच हुई शिफ्ट्स में देखा गया था।
जेईई मेन 2026 जनवरी 28 शिफ्ट 1 का ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल
अधिकांश स्टूडेंट्स ने इस पेपर को मॉडरेट लेवल का बताया। यह न तो बहुत आसान था और न ही सेशन का सबसे कठिन पेपर।
अन्य शिफ्ट्स की तुलना में डिफिकल्टी लेवल काफ़ी स्टेबल रहा।
मुख्य बातें :
- पेपर में कॉन्सेप्ट और न्यूमेरिकल का अच्छा बैलेंस था।
- NTA के नियमित पैटर्न से मेल खाता हुआ पेपर देखने को मिला।
- सिलेबस से बाहर कोई सवाल नहीं आया।
- मैथ्स लंबी थी, जिससे टाइम मैनेजमेंट अहम बन गया।
- केमिस्ट्री सबसे ज़्यादा स्कोरिंग सेक्शन साबित हुई।
जेईई मेन 2026 जनवरी 28 शिफ्ट 1 – सब्जेक्ट वाइज डिफिकल्टी लेवल
| सब्जेक्ट | डिफिकल्टी लेवल | सवालों का नेचर |
| फिज़िक्स | मॉडरेट | कॉन्सेप्चुअल + न्यूमेरिकल |
| केमिस्ट्री | आसान से मॉडरेट | NCERT आधारित |
| मैथ्स | मॉडरेट लेकिन लंबी | कैलकुलेशन आधारित |
| ओवरऑल | मॉडरेट | बैलेंस्ड पेपर |
जेईई मेन 2026 फिज़िक्स एनालिसिस – जनवरी 28 शिफ्ट 1
फिज़िक्स सेक्शन को स्टूडेंट्स ने एवरेज डिफिकल्टी का बताया। इसमें थ्योरी और न्यूमेरिकल सवालों का लगभग बराबर वितरण था।
पूछे गए प्रमुख टॉपिक्स:
- थर्मोडायनामिक्स और हीट ट्रांसफर
- मैकेनिक्स (वर्क, एनर्जी, ग्रैविटेशन, फ्लूइड्स)
- करंट इलेक्ट्रिसिटी और मैग्नेटिज्म
- वेव ऑप्टिक्स और EM वेव्स
- मॉडर्न फिज़िक्स के बेसिक कॉन्सेप्ट्स
स्टूडेंट रिएक्शन: “अगर कॉन्सेप्ट क्लियर थे तो फिज़िक्स ठीक थी। सिर्फ फॉर्मूले याद होने काफी नहीं थे।”
जेईई मेन 2026 केमिस्ट्री एनालिसिस – जनवरी 28 शिफ्ट 1
इस शिफ्ट में केमिस्ट्री सबसे ज़्यादा स्कोरिंग सेक्शन रही। सवाल ज़्यादातर NCERT से सीधे या कॉन्सेप्ट आधारित थे।
पूछे गए प्रमुख टॉपिक्स:
- फिजिकल केमिस्ट्री: थर्मोडायनामिक्स, इक्विलिब्रियम
- इनऑर्गेनिक: कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स, केमिकल बॉन्डिंग, p-ब्लॉक
- ऑर्गेनिक: बायोमॉलिक्यूल्स, बेसिक रिएक्शन मेकैनिज़्म
स्टूडेंट्स का कहना था कि केमिस्ट्री जल्दी हो जाने से उन्हें मैथ्स और फिज़िक्स के लिए ज्यादा समय मिला।
जेईई मेन 2026 मैथ्स एनालिसिस – जनवरी 28 शिफ्ट 1
मैथ्स सेक्शन लंबा और टाइम लेने वाला रहा। डिफिकल्टी मॉडरेट थी, लेकिन सही सवाल चुनना बहुत जरूरी था।
मैथ्स में पूछे गए प्रमुख टॉपिक्स:
- कैलकुलस (डिफरेंशिएशन, इंटीग्रेशन)
- वेक्टर्स और 3D जियोमेट्री
- कोऑर्डिनेट जियोमेट्री (सर्कल, एलिप्स)
- प्रॉबेबिलिटी और स्टैटिस्टिक्स
- एल्जेब्रा (मैट्रिसेस, इनवर्स ट्रिग्नोमेट्री)
टाइम प्रेशर के कारण कई स्टूडेंट्स सभी सवाल अटेम्प्ट नहीं कर पाए।
जेईई मेन जनवरी 28 शिफ्ट 1 – स्टूडेंट रिएक्शन्स
परीक्षा केंद्रों पर स्टूडेंट्स का ओवरऑल मूड पॉजिटिव और शांत रहा।
कॉमन फीडबैक:
- पूरा पेपर देखें तो केमिस्ट्री के सवाल सबसे ज्यादा पाए गए।
- मैथ्स में स्मार्ट सिलेक्शन जरूरी था
- फिजिक्स का पेपर सिर्फ रटने के लिए नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट की समझ जांचने के लिए था।
- डिफिकल्टी पिछली शिफ्ट्स जैसी ही रही
| एस्पेक्ट | स्टूडेंट ओपिनियन |
| ओवरऑल डिफिकल्टी | मॉडरेट |
| सबसे मुश्किल | मैथ्स |
| सबसे स्कोरिंग | केमिस्ट्री |
| टाइम मैनेजमेंट | थोड़ा चैलेंजिंग |
जेईई मेन 2026 एग्ज़ाम पैटर्न और मार्किंग स्कीम (शिफ्ट 1)
- समय: 3 घंटे
- विषय: फिज़िक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स
- कुल प्रश्न: 75 (हर विषय से 25)
- पैटर्न: 20 MCQ + 10 न्यूमेरिकल (5 अटेम्प्ट)
- सही उत्तर: +4 अंक
- गलत MCQ: –1 अंक
- न्यूमेरिकल में नेगेटिव मार्किंग नहीं
जेईई मेन जनवरी 28 शिफ्ट 1 क्वेश्चन पेपर एनालिसिस और आंसर की पीडीएफ
परीक्षा के बाद स्टूडेंट्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि उनके दिए गए उत्तर कितने सही हैं और अनुमानित स्कोर कितना बन सकता है। इसी उद्देश्य से जेईई मेन 2026 जनवरी 28 शिफ्ट 1 के लिए सब्जेक्ट वाइज क्वेश्चन पेपर और उनके सॉल्यूशन्स उपलब्ध कराए जाते हैं।
| विषय | प्रश्न पत्र और सोल्यूशन |
| फिज़िक्स | जल्द उपलब्ध होगा |
| केमिस्ट्री | जल्द उपलब्ध होगा |
| मैथ्स | जल्द उपलब्ध होगा |
जेईई मेन 2026 जनवरी 28 शिफ्ट 1 प्रश्न पत्र समाधान कैसे डाउनलोड करें?
जो स्टूडेंट्स जेईई मेन 2026 जनवरी 28 शिफ्ट 1 (मॉर्निंग शिफ्ट) में शामिल हुए थे, वे मेमोरी बेस्ड प्रश्न पत्र समाधान देखकर अपना संभावित स्कोर (Tentative Score) निकाल सकते हैं। इसके साथ ही यह समझने में भी मदद मिलती है कि किन टॉपिक्स में उनकी पकड़ मजबूत है और किन टॉपिक्स पर अभी और मेहनत की जरूरत है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि जेईई मेन एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) होती है, इसलिए परीक्षा के तुरंत बाद स्टूडेंट्स को ऑफिशियल प्रश्न पत्र की हार्ड कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जाती। ऐसे में मेमोरी बेस्ड सोल्यूशन्स स्टूडेंट्स के लिए काफी उपयोगी साबित होते हैं।
डाउनलोड करने के आसान स्टेप्स:
- सबसे पहले JEE Main की आधिकारिक वेबसाइट या किसी अधिकृत एजुकेशनल / कोचिंग संस्थान की वेबसाइट पर जाएं
- वहां “JEE Main 2026 January Session Question Paper & Solutions” सेक्शन को खोजें
- ड्रॉप-डाउन मेन्यू से January 28 – Shift 1 (Morning) को चुनें
- मेमोरी बेस्ड प्रश्नों और सॉल्यूशन्स वाली PDF फाइल डाउनलोड करें
- अपने दिए गए उत्तरों को सोल्यूशन से मिलाएं और अनुमानित स्कोर निकालें
जेईई मेन जनवरी 28 शिफ्ट 1: गुड अटेम्प्ट और एक्सपेक्टेड स्कोर
| परफॉर्मेंस | अनुमान |
| सेफ अटेम्प्ट | 50–55 प्रश्न |
| अच्छा स्कोर | 145–160 अंक |
| 99 परसेंटाइल | 175–185 अंक |
| हाई परसेंटाइल | 200+ (अच्छी एक्युरेसी के साथ) |
कटऑफ नॉर्मलाइज़ेशन के कारण थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है।
एक्सपर्ट टिप्स (आने वाली शिफ्ट्स के लिए)
- केमिस्ट्री के लिए NCERT की अच्छी रिविज़न करें
- मैथ्स में टाइम्ड मॉक टेस्ट की आदत डालें
- फिज़िक्स में कॉन्सेप्ट क्लैरिटी पर फोकस करें
- सेशन 1 के मेमोरी बेस्ड सवाल ज़रूर देखें
- ब्लाइंड अटेम्प्ट की बजाय स्मार्ट सिलेक्शन करें
निष्कर्ष
JEE Main 2026 जनवरी 28 शिफ्ट 1 का पेपर NTA की उसी रणनीति के अनुरूप था, जिसमें पेपर मॉडरेट और संतुलित रखा जाता है। जिन स्टूडेंट्स के बेसिक्स क्लियर थे और जिन्होंने टाइम मैनेजमेंट सही रखा, उनके लिए अच्छा स्कोर करने के मौके भरपूर थे — खासकर केमिस्ट्री में।
यह एनालिसिस आने वाले स्टूडेंट्स के लिए पैटर्न समझने, सेल्फ एनालिसिस करने और सही स्ट्रेटेजी बनाने में मददगार साबित होगा।









