जेईई मेन 2026 Session 1 का तीसरा दिन 23 जनवरी को आयोजित हुआ। इस दिन Paper 1 (BE/BTech) की शिफ्ट 1 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चली। देशभर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर हज़ारों स्टूडेंट्स ने जेईई मेन 2026 जनवरी 23 शिफ्ट 1 का पेपर दिया।
पेपर खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स से मिले शुरुआती reactions और एक्सपर्ट टीचर्स के analysis से यह साफ है कि इस शिफ्ट का overall difficulty level मॉडरेट से टफ के बीच रहा। कई सवाल सीधे और doable थे, वहीं कुछ प्रश्नों में conceptual clarity की अच्छी पकड़ ज़रूरी थी। टाइम मैनेजमेंट कुछ स्टूडेंट्स के लिए निर्णायक factor साबित हुआ।
इस ब्लॉग में हम कवर करेंगे:
- पेपर का overall difficulty level
- Physics, Chemistry और Maths का subject-wise analysis
- पूछे गए important topics
- स्टूडेंट्स का overall feedback
- Good attempts और expected score range
यह JEE Main 2026 जनवरी 23 शिफ्ट 1 का detailed exam analysis आने वाली शिफ्ट्स के स्टूडेंट्स को पेपर पैटर्न, difficulty level और preparation strategy समझने में मदद करेगा।
जेईई मेन जनवरी 23 शिफ्ट 1 ओवरऑल डिफिकल्टी
देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से आए स्टूडेंट्स के संयुक्त फीडबैक के आधार पर, जेईई मेन जनवरी 23 शिफ्ट 1 के पेपर का ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल मध्यम से कठिन आंका गया है। पेपर की लंबाई इस शिफ्ट की सबसे बड़ी चुनौती रही। अच्छी तैयारी वाले स्टूडेंट्स को भी तय समय में पूरा पेपर हल करने में परेशानी हुई।
जेईई मेन सेशन 1, जनवरी 23 शिफ्ट 1 एक्ज़ाम एनालिसिस के मुख्य बिंदु:
- मैथ्स सेक्शन लंबा और कठिन रहा। इसमें ज़्यादा कैलकुलेशन की जरूरत पड़ी, जिससे समय प्रबंधन मुश्किल हुआ।
- फिजिक्स का स्तर मध्यम रहा, जहां कॉन्सेप्ट की समझ और न्यूमेरिकल एप्लिकेशन दोनों की परीक्षा हुई।
- केमिस्ट्री का लेवल भी मध्यम रहा, लेकिन उम्मीद से ज्यादा समय लेने वाली साबित हुई, जिससे स्कोर करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो गया।
- पेपर का पैटर्न सामान्य जेईई मेन परीक्षा के अनुसार ही रहा और इसमें किसी तरह का स्ट्रक्चरल बदलाव नहीं देखा गया।
- बेहतर प्रदर्शन के लिए सही समय प्रबंधन और समझदारी से प्रश्नों का चयन करना बेहद जरूरी रहा।
यह एनालिसिस आने वाली शिफ्ट्स में बैठने वाले स्टूडेंट्स को पेपर की प्रकृति और सही रणनीति समझने में मदद करेगा।
सब्जेक्ट वाइज डिफिकल्टी लेवल
| सब्जेक्ट | लेवल | Key Topics Covered |
| मैथ्स | टफ | Lengthy, calculation-driven questions |
| फिजिक्स | मॉडरेट | Modern Physics, Ray Optics |
| केमिस्ट्री | मॉडरेट | d-block elements |
| ओवरऑल | मॉडरेट से टफ | टाइम कोन्सुमिंग पेपर |
जेईई मेन 2026 मैथेमैटिक्स एनालिसिस: 23 जनवरी, सेशन 1 शिफ्ट 1
स्टूडेंट्स के फीडबैक के अनुसार, जेईई मेन 23 जनवरी शिफ्ट 1 में मैथेमैटिक्स सेक्शन सबसे कठिन रहा। अधिकतर सवाल जाने-पहचाने टॉपिक्स से थे, लेकिन उन्हें हल करने के लिए कई स्टेप्स और लंबी कैलकुलेशन करनी पड़ी। इसी वजह से बहुत कम स्टूडेंट्स इस सेक्शन को अच्छे से अटेम्प्ट कर पाए।
मैथेमैटिक्स में पूछे गए प्रमुख टॉपिक्स:
- एल्जेब्रा और कैल्कुलस पर आधारित मिक्स्ड प्रश्न
- एक्युरेसी और स्पीड मांगने वाले न्यूमेरिकल प्रश्न
- मल्टी-स्टेप प्रॉब्लम सॉल्विंग
स्टूडेंट्स की राय (मैथेमैटिक्स):
मैथेमैटिक्स के सवाल सॉल्व किए जा सकते थे, लेकिन उनमें काफी समय लग रहा था। सही सवालों का चयन करना बेहद जरूरी था।
जेईई मेन 2026 फिजिक्स एनालिसिस: 23 जनवरी, सेशन 1 शिफ्ट 1
फिजिक्स सेक्शन का स्तर औसत रहा और यह काफी बैलेंस्ड देखा गया। जिन स्टूडेंट्स की कॉन्सेप्ट क्लैरिटी अच्छी थी, वे इस सेक्शन में बेहतर स्कोर कर पाए।
फिजिक्स में पूछे गए प्रमुख टॉपिक्स:
- मॉडर्न फिजिक्स – डी ब्रॉग्ली वेवलेंथ
- रे ऑप्टिक्स
- कॉन्सेप्ट बेस्ड और न्यूमेरिकल प्रश्न
स्टूडेंट्स की राय (फिजिक्स): फिजिक्स अच्छा और ज़्यादातर कॉन्सेप्ट पर आधारित था। यहां स्पीड से ज़्यादा एक्युरेसी पर फोकस करना जरूरी था।
जेईई मेन 2026 केमिस्ट्री एनालिसिस: 23 जनवरी, सेशन 1 शिफ्ट 1
जेईई मेन 2026 के केमिस्ट्री सेक्शन का लेवल मध्यम रहा, लेकिन यह सेक्शन उम्मीद से ज्यादा लंबा साबित हुआ। स्टूडेंट्स को हर सवाल पर ज्यादा समय देना पड़ा, जिससे ओवरऑल अटेम्प्ट प्रभावित हुआ।
केमिस्ट्री में पूछे गए प्रमुख टॉपिक्स:
- इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री – डी-ब्लॉक एलिमेंट्स
- डायरेक्ट रटने वाले सवालों की बजाय एनालिटिकल प्रश्न
- कठिनाई स्तर मध्यम, लेकिन समय ज्यादा लगा
स्टूडेंट्स की राय (केमिस्ट्री): केमिस्ट्री बहुत कठिन नहीं थी, लेकिन जितना सोचा था उससे कहीं ज्यादा समय लेने वाली रही।
जेईई मेन 23 जनवरी शिफ्ट 1: स्टूडेंट्स की प्रतिक्रियाएं
देशभर से आए स्टूडेंट्स की प्रतिक्रियाएं काफी हद तक एक जैसी रहीं। इस शिफ्ट में सबसे बड़ा चैलेंज टाइम मैनेजमेंट रहा।
कॉमन रिएक्शन्स:
- मैथेमैटिक्स ने सबसे ज्यादा समय लिया
- केमिस्ट्री की वजह से कुल अटेम्प्ट काउंट कम हुआ
- फिजिक्स ने कुछ हद तक राहत दी
- ओवरऑल पेपर 21 और 22 जनवरी की शिफ्ट्स की तुलना में ज्यादा कठिन लगा
स्टूडेंट फीडबैक का सारांश
| पहलू | स्टूडेंट्स की राय |
| ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल | मध्यम से कठिन |
| सबसे कठिन सेक्शन | मैथेमैटिक्स |
| सबसे ज्यादा समय लेने वाला सेक्शन | केमिस्ट्री |
| टाइम मैनेजमेंट | काफी चुनौतीपूर्ण |
जेईई मेन 2026 जनवरी 23 शिफ्ट 1 एक्ज़ाम पैटर्न और मार्किंग स्कीम
JEE Main 2026 जनवरी 23 शिफ्ट 1 का पेपर तयशुदा NTA पैटर्न पर आधारित था।
| पैरामीटर | विवरण |
| एक्ज़ाम अवधि | 3 घंटे |
| पेपर | Paper 1 (BE/BTech) |
| शामिल विषय | फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स |
| प्रश्नों का प्रकार | 20 MCQ + 10 NAT (प्रति विषय) |
| NAT में विकल्प | 10 में से कोई भी 5 प्रश्न |
| सही उत्तर पर अंक | +4 |
| गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग | MCQ में –1 |
| NAT में नेगेटिव मार्किंग | नहीं |
जेईई मेन 2026 जनवरी 23 शिफ्ट 1 Question Paper Solution कैसे डाउनलोड करें
जो स्टूडेंट्स JEE Main 2026 की 23 जनवरी शिफ्ट 1 में बैठे थे, वे मेमोरी-बेस्ड question paper solutions की मदद से अपने exam performance का अंदाज़ा लगा सकते हैं। इन solutions से यह साफ समझ आता है कि किन topics पर grip अच्छी रही और किन chapters में अभी improvement की ज़रूरत है।
क्योंकि JEE Main एक computer-based exam है, इसलिए ऑफिशियल question paper की हार्ड कॉपी तुरंत जारी नहीं होती। ऐसे में मेमोरी-बेस्ड solutions शुरुआती self-analysis के लिए काफी helpful होते हैं और students को सही direction देते हैं।
Question Paper Solutions डाउनलोड करने के आसान स्टेप्स:
- Aakash की official website या student portal पर जाएं
- “JEE Main 2026 January Session Question Paper & Solutions” सेक्शन खोजें
- 23 जनवरी – Shift 1 को select करें
- संबंधित PDF file डाउनलोड करें
- अपने answers को दिए गए solutions से match करें
- Approximate score calculate करें
इस प्रोसेस से स्टूडेंट्स को अपनी strengths और weak areas दोनों की क्लियर पिक्चर मिल जाती है, जिससे आगे की तैयारी ज़्यादा बेहतर और इफेक्टिव बनती है।
गुड अटेम्प्ट्स और एक्सपेक्टेड स्कोर
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परफॉर्मेंस अनुमान
| पैरामीटर | अनुमान |
| सेफ अटेम्प्ट्स | 50 से 55 |
| गुड स्कोर | 150 से ऊपर |
| 99 परसेंटाइल | लगभग 180 |
| टॉप स्टूडेंट्स | 200 से ऊपर |
-
Expected कटऑफ (परसेंटाइल)
| कैटेगरी | परसेंटाइल |
| जनरल | 93 से 95 |
| ओबीसी / ईडब्ल्यूएस | 80 से 82 |
| एससी | 60 से 62 |
| एसटी | 47 से 50 |
एक्सपर्ट टिप्स
- केमिस्ट्री में NCERT को प्राथमिकता दें
JEE Main की केमिस्ट्री में कई सवाल सीधे NCERT से पूछे जाते हैं। खासकर Inorganic और Physical Chemistry के basic facts, definitions और standard reactions को अच्छी तरह revise करें। छोटी-छोटी लाइनें भी कई बार direct questions बन जाती हैं। - मैथ्स में स्पीड और एक्युरेसी का सही बैलेंस बनाएं
मैथ्स में सवाल अक्सर doable होते हैं, लेकिन समय ज़्यादा ले सकते हैं। इसलिए calculation speed बढ़ाने के लिए regular practice ज़रूरी है। हर सवाल को solve करने के बजाय पहले doable questions पहचानना सीखें। - फिजिक्स में concepts को depth में समझें
सिर्फ formulas याद करने से काम नहीं चलेगा। सवाल अक्सर concept-based होते हैं, जहां application समझना जरूरी है। Basic theory, assumptions और units पर भी ध्यान दें। - Guesswork से बचें
बिना proper clarity के सवाल attempt करना नुकसानदायक हो सकता है, खासकर MCQs में negative marking की वजह से। Confident नहीं हैं तो सवाल छोड़ना बेहतर option हो सकता है। - पेपर की शुरुआत smart तरीके से करें
सबसे पहले आसान और confidence-boosting questions attempt करें। इससे rhythm बनता है और आगे के tough sections handle करना आसान हो जाता है।
निष्कर्ष
JEE Main 2026 का 23 जनवरी शिफ्ट 1 पेपर मॉडरेट से टफ रहा, लेकिन कुछ सेक्शंस में चैलेंज भी देखने को मिला। केमिस्ट्री ने स्टूडेंट्स को राहत दी, जबकि मैथ्स में टाइम मैनेजमेंट एक अहम फैक्टर रहा। जिन स्टूडेंट्स की conceptual clarity मजबूत थी और जिन्होंने mock tests के जरिए पहले से प्रैक्टिस की थी, उन्हें साफ फ़ायदा मिला।
आने वाली शिफ्ट्स में एक्ज़ाम देने वाले स्टूडेंट्स इस एनालिसिस से पेपर पैटर्न और सही एप्रोच समझ सकते हैं। सही स्ट्रेटेजी, फोकस्ड प्रिपरेशन और पॉजिटिव मिंडसेट के साथ अच्छा स्कोर अभी भी पूरी तरह achievable है।









