शिफ्ट 2 को लेकर छात्रों के मन में आम तौर पर ये सवाल रहते हैं:
- क्या शाम की शिफ्ट ज़्यादा कठिन होती है?
- क्या पेपर का लेवल अलग होता है?
- तैयारी में क्या बदलाव करना चाहिए?
इस ब्लॉग का उद्देश्य है एग्ज़ाम से पहले स्पष्ट सोच देना, न कि डर पैदा करना।
शिफ्ट 2 का अपेक्षित पेपर पैटर्न
NTA द्वारा घोषित JEE Main 2026 पैटर्न के अनुसार, शिफ्ट 2 में भी वही स्ट्रक्चर रहेगा:
- कुल 90 प्रश्न
- 75 प्रश्न अटेम्प्ट करने होंगे
- MCQ + Numerical Value Questions
- सही उत्तर: +4
- गलत MCQ: −1
- Numerical में नेगेटिव मार्किंग नहीं
शिफ्ट 2 में किन बातों की परीक्षा ली जाती है?
शाम की शिफ्ट में आम तौर पर यह देखा जाता है:
- कॉन्सेप्ट कितने साफ हैं
- बेसिक्स को कितनी शांति से अप्लाई कर पाते हैं
- थकान के बावजूद टाइम कैसे मैनेज करते हैं
इसलिए शिफ्ट 2 में मेंटल स्टैमिना भी उतना ही ज़रूरी होता है जितनी पढ़ाई।
विषय अनुसार तैयारी कैसे रखें?
फिजिक्स: क्लियर कॉन्सेप्ट, कम घबराहट
- फॉर्मूलाज का रिविज़न ज़रूरी है
- सवालों को जल्दी पढ़ें, सही मॉडल चुनें
- अनावश्यक गणना में समय न गंवाएं
केमिस्ट्री: NCERT पर पूरा भरोसा
- इनऑर्गेनिक और ऑर्गेनिक में NCERT लाइन-बाय-लाइन रिविज़न
- रिएक्शन और फैक्ट्स को आपस में जोड़कर पढ़ें
- ओवरथिंकिंग से बचें
मैथमेटिक्स: समय सबसे बड़ा फैक्टर
- हर सवाल ट्राय करना ज़रूरी नहीं
- पहले उन सवालों को चुनें जो आपको आते हैं
- लंबा सवाल दिखे तो घबराएं नहीं, सही चयन करें
Morning और Evening Shift: सही परस्पेक्टिव
यह सवाल हर साल उठता है:
“क्या Evening shift ज़्यादा कठिन होती है?”
हकीकत यह है:
- NTA सभी शिफ्ट्स को नॉर्मलाइज़ करता है
- परसेंटाइल आपकी परफॉर्मेंस से तय होता है
- घड़ी का समय रैंक तय नहीं करता
इसलिए शिफ्ट की तुलना से बेहतर है अपनी स्ट्रैटेजी पर भरोसा करना।
उत्तर कुंजी: अभी से सही तरीका जान लें
उत्तर कुंजी एग्ज़ाम के बाद आती है, लेकिन उसका सही इस्तेमाल पहले समझना ज़रूरी है:
- ऑफिशियल मार्किंग स्कीम से स्कोर कैलकुलेट करना
- हर सवाल को शांत दिमाग से मिलाना
- सिर्फ़ पक्का होने पर ही आपत्ति करना
उत्तर कुंजी का काम है आपको सिखाना, घबराना नहीं।
यह शिफ्ट आपकी आगे की तैयारी में कैसे काम आएगी?
चाहे यह आपका पहला अटेम्प्ट हो या नहीं:
- शिफ्ट 2 आपकी तैयारी का लेवल दिखाएगी
- कमजोर टॉपिक्स पहचानने में मदद करेगी
- अगले अटेम्प्ट के लिए दिशा देगी
सीरियस स्टूडेंट्स हमेशा पुराने और नए दोनों पेपर्स से सीखते हैं।
पुराने पेपर्स आज भी क्यों ज़रूरी हैं?
JEE Main में कॉन्सेप्ट्स बदलते नहीं।
सिर्फ़ सवालों की फ्रेमिंग बदलती है।
इसलिए:
- JEE Main 2025 और उससे पहले के पेपर्स
- Subject-wise PYQs
आज भी तैयारी का मजबूत आधार हैं।
भरोसेमंद सॉल्यूशंस और रिविज़न कहाँ करें?
अगर आपको चाहिए:
- Subject-wise solved papers
- आसान भाषा में explanations
- PDF और video solutions
तो Aakash के JEE Main 2026 Question Papers with Solutions आपकी तैयारी को सही दिशा दे सकते हैं।
अंतिम बात: शिफ्ट नहीं, सोच मायने रखती है
JEE Main किसी एक शिफ्ट से तय नहीं होता। यह रोज़ की सही तैयारी से तय होता है।
शांत रहें, स्मार्ट सवाल चुनें, और अपने प्लान पर भरोसा रखें। यही सफल तैयारी है।
FAQs
Q1. क्या Evening shift की तैयारी अलग करनी चाहिए?
नहीं। सिलेबस और पैटर्न सभी शिफ्ट में समान होते हैं।
Q2. क्या शिफ्ट 2 ज़्यादा कठिन होती है?
नहीं। नॉर्मलाइज़ेशन के बाद सभी शिफ्ट बराबर होती हैं।
Q3. उत्तर कुंजी का सही इस्तेमाल कब करें?
एग्ज़ाम के बाद, ऑफिशियल उत्तर कुंजी आने पर।
Q4. क्या पुराने solved papers अभी भी काम के हैं?
हां। वे ट्रेंड और कॉन्सेप्ट क्लैरिटी दोनों देते हैं।
Q5. भरोसेमंद solutions कहाँ मिलेंगे?
Aakash के JEE Main Solutions प्लेटफॉर्म पर subject-wise कंटेंट उपलब्ध है।








