रसायन विज्ञान, निरंतरता के साथ, जेईई मेन में सर्वाधिक अंक अर्जित कराने वाले अनुभाग के रूप में प्रतिष्ठित रहा है, और अप्रैल ४ की प्रथम पाली का प्रश्नपत्र भी इस स्थापित प्रवृत्ति का अपवाद नहीं सिद्ध होता है। यदि आपने आज प्रातःकालीन सत्र में सहभागिता की है और एक सत्यनिष्ठ, गहन तथा विस्तृत जेईई मेन २०२६ रसायन विज्ञान प्रश्नपत्र विश्लेषण की आकांक्षा रखते हैं, तो कृपया आगे अवलोकन करें।
आकाश संस्थान की विशेषज्ञ टीम ने ४ अप्रैल की प्रातःकालीन पाली से प्राप्त प्रश्नों एवं उनके समाधान का सूक्ष्मता पूर्वक परीक्षण एवं विश्लेषण किया है, जिससे आपके समक्ष एक अंतर्दृष्टिपूर्ण, विवेचनात्मक तथा सम्यक् जेईई मेन ४ अप्रैल प्रथम पाली रसायन विज्ञान विश्लेषण प्रस्तुत किया जा सके, जिसमें कठिनाई स्तर का विवेचन, भौतिक, कार्बनिक तथा अकार्बनिक रसायन विज्ञान के मध्य उपविभागीय संतुलन, अध्यायवार प्रश्नों का वितरण, तथा अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाएँ सम्मिलित हैं।
[जेईई मेन २०२६ अप्रैल ४ प्रथम पाली रसायन विज्ञान प्रश्नपत्र तथा समाधान पीडीएफ यहाँ डाउनलोड करें] लिंक शीघ्र अद्यतन किया जाएगा।
त्वरित परिदृश्य, ४ अप्रैल प्रथम पाली रसायन विज्ञान
| विवरण | सूचना |
| परीक्षा तिथि | ४ अप्रैल २०२६ |
| पाली | प्रथम पाली, प्रातः ९:०० बजे से दोपहर १२:०० बजे तक |
| रसायन विज्ञान में प्रश्नों की संख्या | २५, जिसमें २० बहुविकल्पीय प्रश्न तथा ५ संख्यात्मक मान आधारित प्रश्न सम्मिलित हैं |
| अधिकतम अंक | १०० |
| बहुविकल्पीय प्रश्नों का अंकन | प्रत्येक सही उत्तर हेतु ४ अंक, प्रत्येक गलत उत्तर हेतु १ अंक की ऋणात्मक कटौती |
| संख्यात्मक प्रश्नों का अंकन | प्रत्येक सही उत्तर हेतु ४ अंक, गलत उत्तर हेतु कोई ऋणात्मक अंकन नहीं |
| परीक्षा का माध्यम | कंप्यूटर आधारित परीक्षा |
जेईई मेन २०२६ प्रथम पाली रसायन विज्ञान का कठिनाई स्तर
[पुष्ट आँकड़े ४ अप्रैल २०२६ को परीक्षा समाप्त होने के उपरांत अद्यतन किए जाएँगे।]
यदि अप्रैल २ की प्रथम पाली का प्रश्नपत्र किसी प्रकार का मार्गदर्शक संकेत प्रदान करता है, तो ४ अप्रैल के लिए जेईई मेन २०२६ प्रथम पाली रसायन विज्ञान का कठिनाई स्तर, सरलता एवं मध्यमता के मध्य किसी संतुलित स्तर पर अवस्थित होने की प्रबल संभावना व्यक्त करता है। रसायन विज्ञान, अब तक सत्र २ के समस्त अनुभागों में, सर्वाधिक अनुकूल एवं अभ्यर्थी हितैषी खंड के रूप में प्रतिपादित होता रहा है।
| परिमाण | अपेक्षित स्तर |
| समग्र कठिनाई स्तर | अद्यतन किया जाना शेष है |
| प्रश्नों की प्रकृति | अद्यतन किया जाना शेष है |
| २ अप्रैल प्रथम पाली की तुलना में | अद्यतन किया जाना शेष है |
| जनवरी २०२६ की तुलना में | अद्यतन किया जाना शेष है |
| एनसीईआरटी प्रासंगिकता | अद्यतन किया जाना शेष है |
| कक्षा ११ एवं कक्षा १२ का विभाजन | अद्यतन किया जाना शेष है |
| अनुशंसित समय | अद्यतन किया जाना शेष है |
२ अप्रैल की प्रथम पाली में, रसायन विज्ञान को व्यापक रूप से प्रश्नपत्र का सर्वाधिक सरल अनुभाग माना गया, जहाँ अभ्यर्थियों ने अनेक प्रश्नों को प्रत्यक्ष, स्पष्ट एवं उच्च अंक अर्जित करने योग्य पाया, विशेषतः अकार्बनिक रसायन विज्ञान के अंतर्गत। प्रश्नपत्र का स्वरूप मुख्यतः एनसीईआरटी आधारित था, विशेषकर अकार्बनिक रसायन विज्ञान में, जहाँ प्रत्यक्ष सैद्धांतिक प्रश्नों का प्रभुत्व दृष्टिगोचर हुआ, जबकि कार्बनिक रसायन विज्ञान में नामित अभिक्रियाओं पर केंद्रित प्रश्न सम्मिलित थे, तथा भौतिक रसायन विज्ञान में साध्य, सुगम एवं गणनात्मक प्रश्नों का समावेश किया गया था।
इसी प्रकार का प्रश्नपत्र, अधिकांश अभ्यर्थियों द्वारा, ४ अप्रैल को भी अपेक्षित किया जा सकता है। जेईई मेन २०२६ प्रथम पाली रसायन विज्ञान का कठिनाई स्तर, सत्र २ की विभिन्न तिथियों में प्रायः स्थिर बना रहता है, क्योंकि National Testing Agency इस विषय के लिए एनसीईआरटी के प्रश्नसंग्रह से व्यापक रूप से प्रश्नों का चयन करती है।
उपविभागों में रसायन विज्ञान का विभाजन कैसा रहा?
एक महत्त्वपूर्ण विशेषता, जो रसायन विज्ञान को भौतिकी एवं गणित से भिन्न करती है, वह है इसका त्रिस्तरीय विभाजन, जिसमें भौतिक, कार्बनिक तथा अकार्बनिक रसायन विज्ञान सम्मिलित हैं। अपनी तैयारी में इस संतुलन को साधना अत्यंत आवश्यक सिद्ध होता है। यहाँ प्रस्तुत है कि २ अप्रैल की प्रथम पाली में प्रश्नपत्र का वितरण किस प्रकार था, तथा ४ अप्रैल के लिए उसकी संभावित संरचना क्या रही।
| उप-अनुभाग | २ अप्रैल प्रथम पाली का अवलोकन | ४ अप्रैल |
| अकार्बनिक रसायन विज्ञान | सर्वाधिक भारांश, १० से अधिक प्रश्न, एनसीईआरटी आधारित | अद्यतन किया जाना शेष है |
| कार्बनिक रसायन विज्ञान | मध्यम स्तर, नामित अभिक्रियाएँ, अमीन, जीओसी | अद्यतन किया जाना शेष है |
| भौतिक रसायन विज्ञान | कम प्रश्न, कुछ गणना-प्रधान | अद्यतन किया जाना शेष है |
२ अप्रैल की प्रथम पाली के प्रश्नपत्र में, १० से अधिक प्रश्न अकार्बनिक रसायन विज्ञान से प्रस्तुत हुए, तथा समस्त २५ रसायन विज्ञान प्रश्न प्रत्यक्षतः कक्षा ११वीं एवं १२वीं की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों से ही उद्भूत थे। यह एनसीईआरटी-प्रधान प्रवृत्ति, इस वर्ष के दोनों सत्रों में निरंतरता के साथ अक्षुण्ण बनी रही है।
जेईई मेन २०२६ रसायन विज्ञान विषयानुसार भारांश, अध्यायवार वितरण
यहाँ प्रस्तुत है ४ अप्रैल की प्रथम पाली के प्रश्नपत्र के लिए जेईई मेन २०२६ रसायन विज्ञान के विषयानुसार भारांश का अध्यायवार विस्तृत विवेचन।
| अध्याय / विषय | अपेक्षित प्रश्न | उप-अनुभाग | कठिनाई स्तर |
| समन्वय यौगिक | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| डी-ब्लॉक तथा एफ-ब्लॉक तत्व |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| पी-ब्लॉक तत्व |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| आवर्त सारणी तथा गुणधर्म | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
लवण विश्लेषण अथवा गुणात्मक विश्लेषण |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| रासायनिक बंधन तथा आणविक संरचना
|
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| एस-ब्लॉक तत्व तथा हाइड्रोजन |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| अमीन | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| ऐल्डिहाइड, कीटोन तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
सामान्य कार्बनिक रसायन विज्ञान, जीओसी |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
जैव-अणु तथा बहुलक |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
हाइड्रोकार्बन तथा हैलाइड |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
नामित अभिक्रियाएँ तथा अभिक्रिया तंत्र |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
रासायनिक गतिकी |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| आयनिक साम्यावस्था, बफर, पीएच |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
ऊष्मागतिकी तथा ऊष्मारसायन |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
विद्युत रसायन |
अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
| विलयन तथा सहसंयोजी गुणधर्म | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है | अद्यतन किया जाना शेष है |
२ अप्रैल की प्रथम पाली के रसायन विज्ञान प्रश्नपत्र में पूछे गए विषयों में समन्वय यौगिक, रासायनिक बंधन, लवण विश्लेषण, आवर्त सारणी, आयनिक साम्यावस्था तथा जैव-अणु सम्मिलित थे। इसके अतिरिक्त, अमीन, रासायनिक गतिकी, आयनिक साम्यावस्था, बफर, अकार्बनिक रसायन विज्ञान, रासायनिक बंधन, लवण तथा जीओसी भी उसी पाली के प्रमुख विषयों के रूप में पुष्ट किए गए।
जेईई मेन २०२६ रसायन विज्ञान विषयानुसार भारांश यह संकेत करता है कि अकार्बनिक रसायन विज्ञान निरंतरता के साथ इस अनुभाग के अधिकांश भाग का वहन करता है। यदि आपने एनसीईआरटी के अकार्बनिक अध्यायों का सम्यक्, गहन एवं पुनरावृत्तिपूर्ण अध्ययन किया है, तो रसायन विज्ञान वास्तविक रूप से आपका सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाला विषय सिद्ध हो सकता है।
जेईई मेन ४ अप्रैल प्रथम पाली रसायन विज्ञान के महत्त्वपूर्ण विषय
यहाँ प्रस्तुत हैं वे महत्त्वपूर्ण विषय, जिन्हें सत्र २ में प्रचलित प्रवृत्तियों के आधार पर, आपको अनिवार्यतः आच्छादित कर लेना चाहिए था।
अकार्बनिक रसायन विज्ञान, आपका सर्वाधिक अंक अर्जित करने का प्रमुख अवसर
- समन्वय यौगिक, आईयूपीएसी नामकरण, क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत, समावयवता
- पी-ब्लॉक तत्व, समूह १५, १६, १७ के गुणधर्म एवं अभिक्रियाएँ
- डी-ब्लॉक तथा एफ-ब्लॉक तत्व, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, वर्ण, चुम्बकीय गुणधर्म
- आवर्त प्रवृत्तियाँ, आयनीकरण ऊर्जा, विद्युतऋणात्मकता, परमाण्विक त्रिज्या
- लवण विश्लेषण तथा गुणात्मक विश्लेषण
कार्बनिक रसायन विज्ञान
- अमीन, क्षारकीयता का क्रम, अभिक्रियाएँ, हॉफमैन, गैब्रियल संश्लेषण
- ऐल्डिहाइड, कीटोन तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल, ऐल्डोल, कैनिज़ारो, ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ
- जीओसी, प्रेरण प्रभाव, अनुनाद, अतिसंयुग्मन, अम्ल क्षार सामर्थ्य
- जैव-अणु, अमीनो अम्ल, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन
- नामित अभिक्रियाएँ, सैंडमेयर, कोल्बे, रीमर टाइमन, फ्राइडेल क्राफ्ट्स
भौतिक रसायन विज्ञान
- रासायनिक गतिकी, दर नियम, अभिक्रिया का क्रम, एरिनियस समीकरण
- आयनिक साम्यावस्था, पीएच, बफर विलयन, विलेयता गुणनफल
- ऊष्मागतिकी, एन्थैल्पी, हेस का नियम, गिब्स ऊर्जा
- विद्युत रसायन, नर्न्स्ट समीकरण, चालकता, फैराडे के नियम
ये जेईई मेन ४ अप्रैल प्रथम पाली रसायन विज्ञान के महत्त्वपूर्ण विषय, २ अप्रैल को तथा संपूर्ण जनवरी सत्र के दौरान National Testing Agency द्वारा परीक्षण किए गए प्रतिरूप के साथ पूर्णतः सुसंगत हैं।
उत्तम प्रयास एवं रणनीति
रसायन विज्ञान वह अनुभाग है, जिसमें अधिकांश अभ्यर्थी न केवल उच्च लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं, अपितु उसे यथार्थ रूप से प्राप्त भी कर सकते हैं। यहाँ एक सांकेतिक मार्गदर्शिका प्रस्तुत है।
| अभ्यर्थी श्रेणी | अपेक्षित उत्तम प्रयास, २५ में से |
| उच्च प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी, ९० प्रतिशताइल से अधिक का लक्ष्य रखने वाले | २२ से २५ |
| औसत प्रदर्शन | १८ से २१ |
| औसत से निम्न | १२ से १६ |
अनेक विशेषज्ञ यह अनुशंसा करते हैं कि जेईई मेन प्रश्नपत्र का प्रारंभ रसायन विज्ञान से किया जाए। यह अनुभाग भौतिकी की अपेक्षा कम समय लेता है तथा गणित की तुलना में तो अत्यल्प समय में पूर्ण किया जा सकता है, और रसायन विज्ञान में एक सुदृढ़ अंक-प्राप्ति आपको आत्मविश्वास प्रदान करती है, साथ ही दीर्घ प्रश्नों वाले अनुभागों को सावधानीपूर्वक हल करने के लिए अतिरिक्त समय भी उपलब्ध कराती है।
प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
- परीक्षा के उपरांत प्रश्नपत्र विश्लेषण किस प्रकार उपयोगी सिद्ध हो सकता है?
प्रश्नपत्र विश्लेषण अभ्यर्थियों को समग्र प्रतिरूप, कठिनाई स्तर तथा विषय-वितरण को समझने में सहायक होता है, जिससे वे अपने प्रदर्शन पर अधिक स्पष्टता के साथ विचार कर सकते हैं तथा आगामी चरण की योजना अधिक प्रभावी रूप से निर्मित कर सकते हैं। - अभ्यर्थी पाली समाप्त होते ही परीक्षा विश्लेषण क्यों देखते हैं?
अधिकांश अभ्यर्थी अपने अनुभव की तुलना करने, प्रश्नपत्र के स्तर को समझने तथा परीक्षा की वास्तविक अपेक्षाओं का अधिक स्पष्ट बोध प्राप्त करने के लिए विश्लेषण का अवलोकन करते हैं। - क्या परीक्षा विश्लेषण आगामी पालियों की तैयारी में सहायक हो सकता है?
हाँ, यह व्यापक विषयगत प्रवृत्तियों को उद्घाटित करता है तथा अभ्यर्थियों को उन क्षेत्रों पर अपने पुनरावलोकन को केंद्रित करने में सहायता प्रदान करता है, जो अधिक महत्त्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं। - जेईई मेन में रसायन विज्ञान प्रायः सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाला अनुभाग क्यों प्रतीत होता है?
रसायन विज्ञान प्रायः अधिक अंकदायी प्रतीत होता है, क्योंकि इसके अनेक प्रश्न प्रत्यक्ष, एनसीईआरटी-आधारित तथा गणित या दीर्घ भौतिकी संख्यात्मक प्रश्नों की तुलना में कम समय-साध्य होते हैं। - क्या परीक्षा समाप्त होने के पश्चात भी विशेषज्ञ विश्लेषण का अध्ययन करना सार्थक है?
हाँ, क्योंकि यह आपको अपने प्रयास का अधिक शांतचित्त एवं वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करने में सहायता करता है, साथ ही भविष्य की परीक्षाओं अथवा समान प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए अधिक सुदृढ़ तैयारी करने में भी सहायक होता है।








